मौसम रडार की स्थापना के लिए हुई पहल
देवरिया। जनपद में मौसम रडार नहीं लगने से किसानों की तरक्की का मार्ग भी अवरुद्ध है। मौसम रडार नहीं होने से किसानों की फसलें हर बार बर्बाद हो जाती है। रडार से आंधी-तूफान, बिजली, बारिश की समय से सूचना मिल जाती है।
मौसम रडार की स्थापना के लिए शिक्षक एवं पूर्व सभासद नरेंद्र तिवारी ने सदर सांसद को पत्र लिखा है। कहा है कि जिले के 6.5 लाख से अधिक लोग यहां खेती-किसानी करके आजीविका चलाते हैं। मौसम रडार अब तक नहीं लगने से किसानों को प्राकृतिक आपदा की समय से जानकारी नहीं मिल पाती है। मौसम रडार लग जाने से किसानों के मोबाइल पर आठ से दस घंटे पूर्व ही आपदाओं की सूचना मिल जाती, ऐसे में वह अपनी फसल बचाने एवं सुरक्षा के संबंध में इतने ही समय में कुछ न कुछ प्रबंध जरूर कर लेते। गोरखपुर में रेनफाल इंस्ट्रूूमेंट लगा है, हालांकि यह इतनी दूरी पर स्थित है कि देवरिया को इसका कोई लाभ नहीं होता। जिलाधिकारी कार्यालय पर भी रेनफाल इंस्ट्रूूमेंट लगा हैं, लेकिन इसका कोई खास फायदा किसानों को नहीं होता।
डस्ट प्रदूषण यहां के लोगों को बना रहा बीमार
मौसम विज्ञान नई दिल्ली के डिप्टी डायरेक्टर एवं भुजौली कालोनी निवासी रोहित शुक्ला ने शुक्रवार को बताया कि मौसम विभाग का यंत्र जिले में भी होता तो यहां के लोगों को मौसम की सटीक जानकारी मिलती। जिले में सबसे अधिक डस्ट प्रदूषण की मात्रा है। ऐसे में यहां के लोग कैंसर, फेफड़े व आंख की बीमारी से सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। मौसम रडार अब यहां स्थापित करना वर्तमान समय की मांग है। इससे मौसम की पूर्व सूचना मिल जाती है।