गोरखपुर। नंदानगर में प्रस्तावित रेलवे अंडरपास परियोजना के लिए शुरू किया गया भूमि चिह्नांकन स्थानीय लोगों के विरोध के बाद रोकना पड़ा। परियोजना की जद में करीब 50 मकान और दुकानें आ रही हैं। लोगों का कहना है कि सड़क की चौड़ाई के प्रस्तावित डिजाइन से अनावश्यक रूप से भवन प्रभावित हो रहे हैं।
नंदानगर पुलिस चौकी से आकाश विहार शमशेर गेट मार्ग स्थित रेलवे क्रॉसिंग पर लंबे समय से जाम की समस्या बनी रहती है। इसी को देखते हुए शासन ने 73.64 करोड़ रुपये की लागत से 160 मीटर लंबे अंडरपास को मंजूरी दी है। परियोजना के तहत नंदानगर पुलिस चौकी से रेलवे क्रॉसिंग तक सड़क की चौड़ाई 37.20 मीटर प्रस्तावित है जबकि क्रॉसिंग के आगे यह करीब 10 मीटर रह जाएगी। इसी डिजाइन को लेकर स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं।
तीन दिन पहले लोक निर्माण विभाग ने भूमि चिह्नांकन शुरू कराया था। शुरुआत में लोगों ने सहयोग किया लेकिन प्रभावित भवनों की जानकारी मिलने पर विरोध शुरू हो गया। बढ़ते विरोध के बीच विभागीय टीम को चिह्नांकन का कार्य बीच में ही रोकना पड़ा।
परियोजना में अंडरपास निर्माण पर 26.45 करोड़, भूमि अधिग्रहण व भवन ध्वस्तीकरण पर 34.61 करोड़ और सर्विस रोड निर्माण पर 12.57 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। परियोजना पूरी होने पर नंदानगर, आकाश विहार, शमशेर गेट समेत आसपास के करीब 80 हजार लोगों को रेलवे फाटक के जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।
बोले अधिकारीअंडरपास परियोजना का कार्य शुरू करा दिया गया है। सड़क की चौड़ाई पर कुछ लोगों ने आपत्ति जताई है। विरोध के कारण फिलहाल भूमि चिह्नांकन का कार्य रोक दिया गया है।
यूपी सिंह,
अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग, निर्माण खंड-3