नगर विधायक के व्यवहार से नाराज होकर सामूहिक अवकाश पर गए रामगढ़ ताल परियोजना के अभियंता एक सप्ताह बाद बुधवार को काम पर लौट आए। सामूहिक छुट्टी पर जाकर विरोध दर्ज कराने वाले अभियंताओं का कहना है कि जनहित को ध्यान में रखकर वे काम पर लौटे हैं।
रामगढ़ ताल परियोजना के सभी अभियंता दो जनवरी को नगर विधायक पर आपत्तिजनक व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए सामूहिक छुट्टी पर चले गए थे। अभियंताओं ने सामूहिक अवकाश और उसे लेने का कारण भी शासन और प्रशासन को लिखित रूप में दिया था। अभियंताओं के छुट्टी पर जाने से रामगढ़ ताल परियोजना लगभग ठप हो गई थी। नगर विधायक के समर्थकों ने भी अभियंताओं के खिलाफ शहर में धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया था।
एक सप्ताह तक खींचतान के बाद कोई परिणाम नहीं निकलने पर अभियंता लखनऊ जाकर जल निगम के एमडी से मिले। अभियंताओं की व्यथा सुनने के बाद एमडी ने जनहित में रामगढ़ ताल परियोजना का काम दोबारा शुरू करने के निर्देश दिए। बुधवार को सामूहिक छुट्टी खत्म कर सभी अभियंता रामगढ़ ताल परियोजना का काम पूरा करने को लौट पड़े।
रामगढ़ ताल परियोजना के प्रबंधक रतन सेन सिंह ने कहा कि गोरखपुर महोत्सव की तैयारियों के मद्देनजर कमिश्नर की ओर से आयोजित बैठक में सभी अभियंता शामिल हुए और जनहित के लिए रामगढ़ ताल परियोजना के काम पर लौटने का निर्णय लिया।
वहीं नगर विधायक डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल ने कहा कि मुझे खुशी है कि रामगढ़ ताल परियोजना के सारे अभियंता काम पर लौट आए हैं। मैं उन्हें बधाई देता हूं। लोकतंत्र में उनको भी अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन सामूहिक छुट्टी पर जाकर लोगों को परेशान करना किसी भी तरह सही नहीं है।