भारत-नेपाल सीमा सोनौली पर कोरोना वायरस को लेकर उदासीन दिख रहे जिम्मेदारों में शनिवार को तेजी दिखी। अमर उजाला के एक फरवरी के अंक में खबर प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य महकमा हरकत में आ गया। वहां मौजूद टीम के सदस्यों ने आने-जाने वाले चीनी व विदेशी यात्रियों की जांच की तथा उन्हें मास्क व ग्लब्स वितरित किए गए।
कोरोना वायरस के मामले सामने आने पर जिले में तैयारियां तेज हो गईं। शुक्रवार को सीमा पर जांच आदि में शिथिलता दिखी। अमर उजाला ने ‘कोरोना को लेकर सरहद पर जागरुकता अभियान बेअसर’ शीर्षक से खबर प्रकाशित किया था। इसके बाद स्वास्थ्य महकमे में खलबली मच गई। आनन-फानन में वहां पर तैनात की गई टीम सरहद पर पहुंची और आने-जाने वाले विदेशी व चीनी यात्रियों की जांच की। शनिवार को लुम्बिनी जा रहे 15 सदस्यीय चीनी पर्यटकों के सोनौली पहुंचने पर खलबली मच गई।
कैम्प कार्यालय में तैनात डॉक्टरों की टीम ने पूछताछ के पूर्व उन्हें मास्क और ग्लब्स दिया। चिकित्सक तब हैरान रह गए, जब उन्हें पता चला कि 27 जनवरी को ही वे दिल्ली पहुंचे हैं। डॉ. अमित गौतम ने बताया कि चीनी पर्यटकों के लिए सरकार की तरफ से एक फार्म भरवाया जा रहा है। सभी 15 यात्रियों ने फार्म भरा है। साथ ही उक्त बस चालक और कंडक्टर का भी फार्म भरा गया है। यात्री नेपाल जा रहे हैं, इसलिए कोई रोक नहीं है। पुन: वापसी पर सभी की जांच के बाद ही भारत मे आने की अनुमति दी जाएगी।
सीमा पर अब तक हुई है 82 लोगों की स्क्रीनिंग
डॉ. राजीव कुमार शर्मा ने बताया कि कोरोना वायरस को लेकर शनिवार 82 लोगों की स्क्रीनिंग की गई है। शाम पांच बजे तक भारत से नेपाल आने जाने वाले कुल 82 विदेशी पर्यटकों में 15 चीनी यात्रियों को छोड़कर फ्रांस, भूटान, वर्मा, ऑस्ट्रिया, कोरिया, थाईलैंड के नागरिकों से पूछताछ हुई। सभी पर्यटक सामान्य दिखे। उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आइए अंसारी ने कहा कि जनपद में स्थिति सामान्य है। स्क्रीनिंग के दौरान किसी में भी कोरोना वायरस के लक्षण नहीं मिले हैं। सतर्कता के मद्देनजर निगरानी की जा रही है।