अंतिम चरण में शनिवार को गोरखपुर लोकसभा क्षेत्र में वोट डाले गए। इसके लिए मतदाता सुबह से ही बूथों पर कतार में लगे थे। इस लोकसभा क्षेत्र के गोरखपुर सदर, ग्रामीण और सहजनवा विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी रवि किशन शुक्ला को अच्छी बढ़त मिलती दिख रही है।
यहां मुख्य मुकाबला भाजपा प्रत्याशी रविकिशन शुक्ल और इंडी गठबंधन से सपा उम्मीदवार काजल निषाद के बीच में दिखाई दिया। इस लोकसभा क्षेत्र के पिपराइच और कैंपियरगंज विधानसभा क्षेत्र में सपा प्रत्याशी काजल निषाद को निषाद और अन्य वर्गों का भी ठीक-ठाक समर्थन दिख रहा है।
इन दो विधानसभा क्षेत्र में भाजपा और गठबंधन प्रत्याशी में कड़ी टक्कर बताई जा रही है। गोरखपुर लोकसभा क्षेत्र में गोरखपुर शहर विधानसभा क्षेत्र के 417, ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के 399, सहजनवा के 421, पिपराइच के 408 और कैंपियरगंज के 393 बूथों पर मतदान हुआ।
इस लोकसभा क्षेत्र में सुबह नौ बजे तक 13 फीसदी से अधिक लोग अपने मताधिकार का प्रयोग कर चुके थे। वोट देने के मामले में महिलाएं पुरूषों से पीछे नहीं रहीं। हर जगह महिलाओं की कतार पुरुषों के बराबर नजर आई। पिपराइच कस्बे के बीआरसी स्थित एक बूथ को पिंक बूथ बनाया गया था, जहां महिलाओं की लंबी कतार लगी थी।
अमवा प्राथमिक विद्यालय में बने दोनाें बूथों पर सुबह से ही वोटरों की लंबी कतार थी। यहां भी महिला वोटरों की लाइन पुरुषों के बराबर थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रभाव वाली इस लोकसभा सीट पर भाजपा और इंडी गठबंधन के बीच सीधी टक्कर दिख रही है।
भाजपा प्रत्याशी रविकिशन को परंपरागत सवर्ण मतों के अलावा निषाद और दलितों का भी करीब 40 फीसदी समर्थन मिला है। वहीं सपा उम्मीदवार काजल निषाद को भी सपा के परंपरागत वोटरों के अलावा पिपराइच, कैंपियरगंज और गोरखपुर ग्रामीण में निषाद वोटरों का अच्छा समर्थन मिला है।
दोपहर बाद शुरू हुआ मतदान
कैंपियरगंज विधानसभा क्षेत्र के थवई पार में चकबंदी नहीं होने से नाराज लोगों ने दोपहर तक मतदान का बहिष्कार किया, वहीं रावतगंज के लोगों ने गांव के सामने गोरखपुर-कैंपियरगंज मार्ग पर ओवरब्रिज की मांग को लेकर मतदान का बहिष्कार किया था।
प्रशासनिक अफसरों ने दोनों जगह पहुंचकर चुनाव बाद कार्रवाई का आश्वासन देकर मतदान शुरू कराया। रावतगंज में लोगों को भरोसा दिलाने के लिए गांव के मुख्य मोड़ के सामने की सड़क पर बने डिवाइडर को भी जेसीबी से तोड़ा गया।