उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के परिषदीय विद्यालयों के परिसर में सामुदायिक शौचालयों का निर्माण नहीं होगा। कुछ परिषदीय विद्यालयों में सामुदायिक शौचालयों का निर्माण होने की सूचना के बाद अपर मुख्य सचिव ने इसे आपत्तिजनक बताया है। साथ ही सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर ऐसे शौचालयों के निर्माण पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। इसपर बेसिक शिक्षा विभाग ने गोरखपुर के 40 विद्यालयों में निर्माणाधीन सामुदायिक शौचालयों पर रोक लगा दी है।
अपर मुख्य सचिव के पत्र के मुताबिक गांव भर के उपयोग के लिए सार्वजनिक शौचालय बनाए जाते हैं। ऐसे में विद्यालय परिसरों में अध्ययनरत विद्यार्थियों और शिक्षकों को असुविधा होगी। विद्यालय बंद होने के बाद ग्रामीण ऐसे सार्वजनिक शौचालयों का उपयोग भी नहीं कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त संबंधित विद्यालय में अनुशासन, उपस्थित विद्यार्थियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं विद्यालय के शैक्षणिक वातावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
जिले के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों को ऑपरेशन कायाकल्प के अंतर्गत पंचायती राज विभाग के साथ समन्वित प्रयास करते हुए विभिन्न अवस्थापना सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत इन विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को शौचालय की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।
इन शौचालयों का इस्तेमाल विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों एवं स्टाफ द्वारा ही विद्यालय संचालन के दौरान किया जाता है। इनके अतिरिक्त इन शौचालयों का इस्तेमाल अन्य व्यक्तियों के द्वारा किए जाने पर भी सख्त मनाही है।
बीएसए बीएन सिंह ने बताया कि परिषदीय विद्यालयों के परिसर के अंदर सामुदायिक शौचालयों का निर्माण नहीं होगा। इसे लेकर अपर मुख्य सचिव का आदेश मिला है। जिले के करीब 40 विद्यालयों में चल रहे काम को विभागीय हस्तक्षेप के बाद रुकवाया गया है।