बैंक से लोन लेकर हड़पने वाला जालसाज गिरफ्तार।
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बैंकों से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ऋण लेने में जालसाजी करने वाले रुद्रांश पांडेय का एक और कारनामा सामने आया है। उसने फर्जी दस्तावेजों पर एक और बैंक से 1.20 करोड़ रुपये का ऋण लेकर जालसाजी की थी। खबर है कि खजांची चौराहे पर स्थित बैंक के कार्यालय में कार्यरत तीन कर्मचारियों को बैंक प्रबंधन ने हटा भी दिया है। हालांकि, बैंक की ओर से अभी तक तहरीर नहीं दी गई है।
जानकारी के मुताबिक, पहले की तरह ही रुद्रांश ने बैंक से ऋण लेने में फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि इस बार भी उसकी मदद बैंक के लोगों ने की है। रुद्रांश ने प्राइवेट बैंक से कौशल किशोर बनकर ऋण लिया है और फोटो अपना इस्तेमाल किया है। आधार काॅर्ड और पैन सब फर्जी इस्तेमाल हुआ है। सूत्रों की मानें तो बैंक ने तीन कर्मचारियों को हटा दिया है। उसमें से एक ने दूसरे बैंक में नौकरी भी हासिल कर ली है।
नियम में हुई सख्ती तो कम हो गया ऋण का ग्राफ
आईसीआईसीआई बैंक में फर्जी दस्तावेज पर ऋण देने का मामला सामने आने के बाद बैंक के आला अफसरों ने सख्ती कर दी है। अब हर फाइल को गहनता से पढ़ा जा रहा है। इसका असर है कि बैंक से अब देरी से ऋण फाइनल हो रहे हैं। ऐसे में ऋण का ग्राफ भी कम हो गया है। अब बैंक प्रबंधन की कोशिश यही है कि दोबारा ऐसी गलती न होने पाए, जिसकी वजह से बैंक को चूना लगे।