बरात में डीजे के कानफोड़ू आवाज और लाल घाघरा जैसे फूहड़ गानों के बीच बराती रविवार रात को नाचते-झूमते निकले तो सड़कों पर जाम लग गया। डीजे के तेज आवाज के चलते जाम में फंसे लोगों की मुश्किलें तब और बढ़ गईं, जब आतिशबाजी शुरू हुई। डीजे से उनकी धड़कनें तेज हो गईं और पटाखों के धुएं से सांसें फूलने लगीं। जाम में फंसे लोगों की परवाह किए बगैर सड़कों पर कब्जा कर बरात जाती रही और जाम में फंसे लोग कहते सुने गए...कोई तो इन्हें रोके।
रविवार को इस सहालग में सबसे ज्यादा शादियां थीं। डीजे के शोर को रोकने और सड़क पर जाम न लगने पाए, इसके लिए पुलिस-प्रशासन ने मैरिज हॉल संचालकों के साथ बैठक कर गाइडलाइन बताया था, लेकिन जब शादियों के लिए बरात निकली तो सारे-नियम कानून लोग भूल गए। रात करीब 10 बजे अलहदादपुर में एक बरात जा रही थी। डीजे पर बड़े-बड़े साउंड बॉक्स लगे थे, उसके पीछे बराती थे। बैंडबाजा को छोड़ बराती डीजे पर बज रहे लाल घाघरा जैसे गानों पर नाचने-झूमने लगे।
डीजे की आवाज इतनी तेज थी कि बरात के पीछे जाम में फंसे श्रीनिवास ने अपने कान बंद कर लिए। कई गाड़ियों के चालक लगातार हॉर्न बजाते रहे, लेकिन डीजे की कानफोडू आवाज के आगे उनकी आवाज दबकर रह गई।