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बदल रहा है गोरखपुर: 429 करोड़ का फ्लाईओवर, 76 करोड़ का ओवरब्रिज; लखनऊ-वाराणसी की राह होगी आसान

Mon, 25 May 2026 11:31 AM IST
Rohit Singh अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर

सार

29.49 करोड़ की लागत से फरवरी 2023 में शुरू हुआ फ्लाईओवर इस माह पूरा होगा। सेतु निगम के जीएम मिथिलेश कुमार ने बताया कि देवरिया बाईपास पर दोनों पुल को जोड़ने का काम अंतिम चरण में है। इसके शुरू होने से नौसड़ और लखनऊ-वाराणसी जाने वालों को टीपीनगर के जाम से राहत मिलेगी। 
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सिक्सलेन फ्लाईओवर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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शहर में जून का महीना बुनियादी ढांचे के विकास के लिहाज से बेहद अहम होने जा रहा है। एक फ्लाईओवर, एक ओवरब्रिज और सीएम ग्रिड फेज-एक के तहत बन रहा स्मार्ट रोड तैयार होने की कगार पर है। इन परियोजनाओं के शुरू होने से न सिर्फ आवागमन आसान होगा बल्कि आसपास के इलाकों में आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।

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पैडलेगंज से ट्रांसपोर्टनगर तक बन रहा फ्लाईओवर इस महीने पूरा होने की उम्मीद है। इसके शुरू होने के बाद नौसड़ और लखनऊ-वाराणसी की ओर जाने वाले लोगों को टीपीनगर के जाम से राहत मिलेगी। देवरिया बाईपास की तरफ से आने वाले वाहन भी सीधे नौसड़ की ओर निकल सकेंगे।

ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े संजय कुमार का कहना है कि अभी जाम के कारण मालवाहक वाहनों को काफी देर तक रुकना पड़ता है। फ्लाईओवर बनने से आवाजाही तेज होगी और कारोबार को फायदा मिलेगा।

पैडलेगंज निवासी राकेश श्रीवास्तव बताते हैं कि रोजाना ऑफिस आने-जाने में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा। सेतु निगम के जीएम मिथिलेश कुमार ने कहा कि फ्लाईओवर का निर्माण इसी माह पूरा कर लिया जाएगा। देवरिया बाईपास पर दोनों पुल को जोड़ने का काम अंतिम चरण में है।

नकहा ओवरब्रिज से बदली इलाके की तस्वीर
नकहा ओवरब्रिज का निर्माण पूरा हो चुका है। इसके साथ ही बरगदवां चौराहे से ओवरब्रिज तक फोरलेन सड़क भी बन रही है। अब बरगदवां से स्पोर्ट्स कॉलेज और मोहद्दीपुर की तरफ वाहन आसानी से निकल रहे हैं। पहले रेलवे क्रॉसिंग और संकरी सड़क के कारण यहां अक्सर जाम लगता था।

स्थानीय अमित जायसवाल का कहना है कि सड़क चौड़ी होने और ओवरब्रिज बनने के बाद इलाके में ग्राहकों की संख्या बढ़ी है। यहां नए शोरूम और दुकानें खुलने लगी हैं। स्पोर्ट्स कॉलेज और करीमनगर इलाके में तेजी से व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ रही हैं। जीडीए भी राप्तीनगर क्षेत्र में कई बड़ी परियोजनाओं पर काम कर रहा है।

राप्तीनगर में तैयार हो रहा पहला स्मार्ट रोड
राप्तीनगर में सीएम ग्रिड फेज-एक के तहत शहर का पहला स्मार्ट रोड अगले महीने तक बनकर तैयार हो जाएगा। बंगलूरू की तर्ज पर विकसित की जा रही इस सड़क पर आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम, फुटपाथ, अंडरग्राउंड केबलिंग और बेहतर लाइटिंग की व्यवस्था की जा रही है।

स्थानीय निवासी प्रियांशु सिंह का कहना है कि स्मार्ट रोड बनने से इलाके की तस्वीर बदल जाएगी। बेहतर सड़क और सुविधाओं के कारण यहां तेजी से विकास होगा। नगर निगम के मुख्य अभियंता अमित शर्मा ने बताया कि सड़क का निर्माण 15 जून तक पूरा कर लिया जाएगा।

शहर में बनने वाले फ्लाईओवर, ओवरब्रिज और स्मार्ट रोड जैसीं परियोजनाएं सिर्फ यातायात व्यवस्था नहीं सुधारतीं, बल्कि इनका सीधा असर स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ता है। बेहतर कनेक्टिविटी से व्यापारिक गतिविधियां बढ़ती हैं, नए निवेश आते हैं और आसपास की जमीनों व व्यावसायिक संपत्तियों की मांग बढ़ती है।

गोरखपुर में जिन इलाकों में बड़ी परियोजनाएं बन रही हैं, वहां आने वाले समय में रियल एस्टेट, रिटेल कारोबार और सेवा क्षेत्र में तेजी देखने को मिलेगी। इससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे: प्रो. सत्यपाल सिंह, अर्थशास्त्र विभाग, गोरखपुर विश्वविद्यालय
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परियोजना डिटेल:
परियोजना लागत शुरुआत पूरा होने की अवधि
पैडलेगंज-टीपी नगर फ्लाईओवर 429.49 करोड़ फरवरी 2023 मई 2026
नकहा ओवरब्रिज 76.27 करोड़ जनवरी 2022 अप्रैल 2026
स्मार्ट रोड 44.88 करोड़ नवंबर 2024 जून 2026
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