शहर में पांच किलोवाट लोड वाले बकायेदार उपभोक्ताओं के खिलाफ बिजली निगम ने सख्त कदम उठाते हुए शनिवार को रिमोट डिस्कनेक्शन का ट्रायल किया। दोपहर करीब एक बजे से तीन बजे के बीच कुल 7721 बड़े उपभोक्ताओं की बिजली स्मार्ट मीटर के माध्यम से एक साथ काट दी गई।
अचानक आपूर्ति बंद होने से उपभोक्ताओं में हड़कंप मच गया। पांच किलोवाट के साथ एक किलोवाट के उपभोक्ताओं के भी कनेक्शन बिना सूचना के काट दिए गए। इस पर उपभोक्ता परेशान होकर बिजली कार्यालय का चक्कर भी लगाए।
बिजली कटने के तुरंत बाद करीब 2500 उपभोक्ताओं ने सक्रियता दिखाते हुए लगभग एक करोड़ रुपये का बकाया ऑनलाइन जमा किया। भुगतान होते ही उनके कनेक्शन स्वतः (ऑटो रिकनेक्ट) बहाल हो गए। इससे निगम को बकाया वसूली में तत्काल सफलता मिली।
स्मार्ट मीटर लगाने वाली कंपनी के मैनेजर राकेश सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई बिजली निगम की ओर से ट्रायल के रूप में की गई थी। उद्देश्य यह देखना था कि जो उपभोक्ता लंबे समय से बिल जमा नहीं कर रहे हैं, उनका कनेक्शन एक साथ रिमोट से काटने पर क्या प्रभाव पड़ता है।
उन्होंने बताया कि ट्रायल अवधि पूरी होने के बाद जिन उपभोक्ताओं ने भुगतान नहीं किया था, उनके कनेक्शन भी स्वतः पुनः जोड़ दिए गए और सभी की बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई। निगम का मानना है कि इस व्यवस्था से बकाया वसूली में तेजी आएगी और उपभोक्ता समय पर बिल भुगतान के प्रति जागरूक होंगे। उपभोक्ता संजय ने बताया कि हमें कनेक्शन कटने का मैसेज नहीं आया,बिजली कट गई बाद में परेशान होना पड़ा।