बिजली बिल में हुई बढ़ोतरी को लेकर बुनकर वेलफेयर सोसाइटी का एक प्रतिनिधिमंडल सोसाइटी के अध्यक्ष अजीजुल हई, मसीउद्दीन अंसारी, नसीम अख्तर, इकराम अंसारी एवं मजहर अंसारी के संयुक्त नेतृत्व में मंडलायुक्त से मिलकर ज्ञापन सौंपा गया। प्रतिनिधिमंडल की बातों को गौर से सुन मंडलायुक्त ने प्रतिनिधिमंडल को अस्वस्थ करते हुए कहा कि बुनकरों की जायज मांगों का निस्तारण किया जायेगा।
ज्ञापन सौंपने के बाद बुनकरों को संबोधित करते हुए सोसाइटी के अध्यक्ष अजीजुल हई ने कहा कि गोरखपुर का बुनकर बिजली बिल में हुई बढ़ोतरी से बहुत ही परेशान है। ऐसे में शासन व प्रशासन को बुनकर अपनी व्यथा को लेकर अधिकारियों को अवगत कराने की दिशा प्रयासरत है।
उन्होंने कहा कि गोरखपुर का बुनकर पहले प्रतिमाह प्रति पावरलूम रुपया 143 जमा करता था। परंतु 1 अप्रैल 2023 से प्रस्तावित नई योजना के तहत प्रतिमाह प्रति पावरलूम रुपया 800 जमा करने का बोझ लाद दिया गया है, जो प्रस्तावित दर के सापेक्ष लगभग साढ़े छः गुना अधिक है।
उन्होंने कहा कि कमजोर, गरीब बुनकर इतना रूपए जमा करने में असमर्थ है। हई ने कहा कि सन् 2006 में पावरलूम को रीड स्पेस के आधार पर दो श्रेणी बांट दिया गया है, जो कहीं से भी तर्क व न्याय संगत नहीं है। नसीम अख्तर, मसीउद्दीन अंसारी, मजहर हुसैन अंसारी एवं इकराम अंसारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में मात्र गोरखपुर ही एक ऐसा जिला है, जहां शूटिंग बनता है।
इसलिए गोरखपुर का 100 प्रतिशत पावरलूम 68 इंच रीड स्पेस का है। जबकि गोरखपुर में लूमों की संख्या 2960 है। 68 इंच रीड स्पेस के लूम को भी 400 रूपए करने में अधिकारियों को बुनकरों के साथ सहानुभूति की भूमिका निभाने की जरूरत है। जबकि गोरखपुर में लूमों की संख्या 2960 है।
यदि बुनकरों के साथ इंसाफ नहीं किया गया तो निश्चित तौर पर गोरखपुर का बुनकर तबाह व बर्बाद हो जायेगा। इस दौरान अजीजुल हई, नसीम अख्तर, मसीउद्दीन अंसारी, मजहर हुसैन अंसारी, मुहम्मद खालिक अंसारी, इकराम अंसारी, शमीम अख्तर, बक्शीश अहमद, इरफान अंसारी, मुहम्मद शमीम, माजिद अख्तर, सिराजुद्दीन, मुहम्मद नौशाद, इजहार अहमद आदि लोग मौजूद रहे।