- चौरीचौरा इलाके में हुई घटना, केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो
चौरीचौरा (गोरखपुर)। चौरीचौरा इलाके में दो भाइयों को नौकरी दिलाने के नाम पर चार लाख रुपये लेकर हड़पने और कागजात पर छह बाइकों का लोन लेने का मामला सामने आया है। एसएसपी के आदेश पर चौरीचौरा पुलिस ने तहरीर पर जालसाज इंद्रदेव व एक कार एजेंसी के कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, चौरीचौरा थाना क्षेत्र के नगर पंचायत मुंडेरा बाजार के शहीद नगर निवासी अरुण कुमार ने एसएसपी को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि मेरे मुहल्ले का निवासी इंद्रदेव मुझे व मेरे भाई को नौकरी दिलाने के नाम पर चार लाख रुपये ले लिया। नौकरी लगाने के लिए दिए कागजात पर हम दोनों भाइयों के नाम पर छह बाइक लोन करा लिया है। अरुण कुमार ने पुलिस को बताया कि मेरा भाई विनीत कुमार स्नातक करने के वाद भी बेरोजगार घूम रहा था।
तभी इंद्रदेव ने अपने आप को लखनऊ में स्थित पीजीआई में मेडिसिन का अधिकारी बताकर हम दोनों भाइयों को स्टोरकीपर पद पर नौकरी दिलाने के नाम पर दो बार में चार लाख रुपये और कागजात ले लिया। कुछ दिन बाद लखनऊ चलने की बात हुई मगर इंद्रदेव ने बताया कि गोरखपुर में स्थित एक कार एजेंसी के मालिक के यहां ही लखनऊ पीजीआई के अधिकारी आने वाले हैं। यहीं पर सब कुछ हो जाएगा। जब हम लोग गोरखपुर गए तो हम दोनों भाइयों से अंग्रेजी में लिखे कागजों पर साइन करा कर घर भेज दिया गया। कुछ महीने पहले घर पर बैंक के कुछ अधिकारी आए और बताए कि आप दोनों भाइयों के नाम पर छह बाइक के लोन हैं। अगर आप बाइक की किस्त नहीं जमा करेंगे तो आप पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अरुण कुमार को तब अपने साथ हुई धोखाधड़ी का अहसास हुआ। अरुण कुमार ने चौरीचौरा पुलिस को तहरीर देकर इंद्रदेव व कार एजेंसी के कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। अभी कुछ दिन पहले ही मुंडेरा बाजार के उमाशंकर उर्फ मोनू जायसवाल ने इंद्रदेव के खिलाफ चार पहिया वाहन दिलाने के नाम पर 13 लाख हड़पने का केस दर्ज कराया था।