आज कमिश्नर से मुलाकात करेंगे आईएमए के पदाधिकारी, हड़ताल पर जाने की दी चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। नाक, कान, गला रोग विशेषज्ञ डॉ संतोष शंकर रे के अस्पताल को सील करने के विरोध में आईएमए आगे आ गया है। इसे लेकर मंगलवार की देर शाम सीतापुर स्थित आईएमए कार्यालय में आपात बैठक हुई, जो करीब दो घंटे तक चली। इसमें निर्णय लिया गया कि अगर 24 घंटे के अंदर जीडीए की तरफ से सील नहीं खोला गया तो आंदोलन किया जाएगा। साथ ही डॉक्टरों ने बुधवार को कमिश्नर से मुलाकात करने का फैसला लिया है।
बैठक के दौरान डॉक्टरों ने जीडीए की कार्रवाई को पूरी तरह से तानाशाही करार दिया। आईएमए के पदाधिकारियों ने कहा कि अस्पताल सील करने संबंधी जीडीए की कार्रवाई पूरी तरह से गलत है। जीडीए ने डॉ. संतोष को भवन के आवासीय परिसर होने, कमर्शियल उपयोग और नक्शा मानक के अनुरूप न होने का नोटिस दिया था, जिसके जवाब उन्होंने कमिश्नर कोर्ट में दाखिल किए हुए है। इस मामले में आगामी 27 जून को सुनवाई होनी है। उससे पहले ही जीडीए ने कार्रवाई कर दी, जो पूरी तरह से गलत है। इसके साथ ही कमिश्नर से मुलाकात करने के लिए पांच सदस्यीय टीम गठित की गई। इसमें डॉ. नरेंद्र देव, डॉ. आरपी शुक्ला, डॉ. शशांक ओझा, डॉ. एपी गुप्ता, डॉ. नीरज श्रीवास्तव और डॉ. नदीम अरशद शामिल किए गए हैं। बैठक की अध्यक्षता आईएमए अध्यक्ष राजेश गुप्ता, सचिव डॉ अमित मिश्रा व आईएमए के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ आरपी त्रिपाठी ने की।
जीडीए के अधिकारियों ने मरीजों से की बदसलूकी
आईएमए के मीडिया प्रभारी डॉ. इमरान अख्तर ने बताया कि जीडीए के अधिकारियों ने मरीजों और तीमारदारों के साथ बदसलूकी भी की। सील करने के दौरान मरीज परेशान दिखे।प्रशासन को बुधवार से 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया जाएगा। अगर इस दौरान कोई सकारात्मक फैसला नहीं होता है, तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। अगर मांग नहीं मानी गई तो डॉक्टर हड़ताल पर भी जा सकते हैं।
तारामंडल की जमीन हथियाने के लिए खेला गया खेल
आईएमए की बैठक में डॉ. संतोष शंकर रे बताया कि तारामंडल क्षेत्र में जीडीए की जमीन खरीदी है। इस जमीन को लेकर जीडीए और एक मनबढ़ व्यक्ति से विवाद है। जीडीए के एक प्रभावशाली अधिकारी मामले में दबाव बना रहे हैं। इसकी वजह से यह सील की कार्रवाई की गई है। जबकि, मामला हाईकोर्ट में है। हाईकोर्ट के मामले में अधिकारी दबाव बना रहे हैं सुलह कर ली जाए। सुलह न करने पर दबाव बनाने के लिए अस्पताल को सील करने का खेल खेला गया है।