गोरखपुर। बिजली निगम, जल निगम और लोक निर्माण विभाग बिना अनुमति और नोडल से अनुमति लिए मनमाने तरीके से खोदाई का कोई भी काम नहीं करवाएंगे। जिस विभाग को काम करवाना होगा, वो नगर निगम के पास काम का प्रस्ताव और इलाके की पूरी जानकारी देगा। इसमें विभाग के जिम्मेदार एक दूसरे विभाग के अधिकारियों का सहयोग करेंगे। खोदाई के काम के दौरान बिजली निगम के संंबंधित अधिकारी मौके पर ही रहेंगे।
ये निर्देश नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने दिए। कमिश्नर के निर्देश पर उन्होंने तीनों विभाग के अधिकारियों संग समीक्षा बैठक की। इस दौरान सामने आया कि भूमिगत केबल के लिए खोदाई करने के दौरान एक दूसरे विभाग को इसकी जानकारी नहीं होती। ऐसे में अक्सर भूमिगत केबल कट जाता है। इससे बिजली निगम को आर्थिक क्षति होने के साथ नियमित उपभोक्ताओं को घंटों बिजली कटौती का नुकसान उठाना पड़ता है। इसके अलावा जल निगम की पाइप भी काम के दौरान कहीं कहीं कट जाती है। इससे नागरिकों को आए दिन पेय जल के संकट से भी गुजरना पड़ता है।
इससे निदान के लिए अब तीनों विभाग काम से पहले नगर निगम में आवेदन देंगे। वहां से स्वीकृति के बाद काम आगे बढ़ेगा। इसके अलावा हेरिटेज गलियारे के काम को शुरू करने के पहले कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस से भी बातचीत हुई। शहीद बंधू सिंह पार्क के पास हैवी ट्रांसफार्मर को लगाने के लिए जगह चिन्हित करने की बात बिजली निगम के अधिकारियों ने रखी। कहा, पहले जगह का चयन हो जाए तभी तो भूमिगत केबल के काम को शुरू करना होगा। इससे बाद में लाइन बदलने या ट्रांसफार्मर से आपूर्ति देने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। नगर आयुक्त के निर्देश पर सभी ने सहमति जताते हुए सभी बिंदुओं पर अमल करने की सहमति दी। नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने बताया कि विभागों में आपसी संवाद बेहद जरूरी है।