गोरखपुर। गोड़धोइया नाला के जीर्णोद्धार से प्रभावित लोगों की पीड़ा सुनने के लिए भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष, एमएलसी धर्मेंद्र सिंह शनिवार की शाम मुहल्लों में पहुंचे। लोगों के साथ बैठक कर नाला और मकानों के बारे में जानकारी ली। एमएलसी ने स्थानीय लोगों की पीड़ा सीएम तक पहुंचाने का भरोसा दिया।
गोड़धोइया नाला के दोनों किनारों पर मेडिकल कॉलेज से लेकर रामगढ़ताल तक करीब 500 से अधिक मकान बने हैं। नाले के जीर्णोद्धार के लिए मैत्रीपुरम, सरस्वतीपुरम, शक्तिनगर, राजनगर, सेमरा नंबर एक, हरिसेवकपुर नंबर दो, शाहगंज, आदित्यपुरी, न्यू मार्डन कॉलोनी और तुलसीराम बिछिया के 500 से अधिक मकानों पर निशानदेही की गई है। इन मकानों को नाले की ओर से आधे से अधिक हिस्सा तोड़ा जाएगा। मकानों के टूटने के बाद लोग बेघर हो जाएंगे। इससे परेशान लोग जनप्रतिनिधियों से मिलकर नाले का चौड़ाई कम करने की मांग कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने शुक्रवार की शाम भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष, एमएलसी धर्मेंद्र सिंह से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने मुहल्ले में जाकर वास्तविक स्थिति जानने की बात कही। शनिवार की शाम करीब चार बजे एमएलसी मैत्रीपुरम में पहुंचे। उन्होंने यहां जुटे लोगों से बारी-बारी बात की। इसके बाद मकानों के पीछे जाकर नाले का जायजा लिया। मैत्रीपुरम और बिछिया में प्रभावित हो रहे मकानों को देखकर एमएलसी ने उचित मदद का भरोसा दिलाया। इसके लिए एमएलसी ने प्रभावितों की तरफ से एक पत्र देने को कहा। इस दौरान करीब दो घंटे तक स्थानीय लोगों के बीच एमएलसी मौजूद रहे।
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चौड़ी सड़क और सुंदरीकरण शासकीय धन का दुरुपयोग : देवेंद्र सिंह
गोरखपुर। गोड़धोइया नाला से प्रभावित लोगों के मामले में संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण के साथ समस्या का समाधान करने के लिए एमएलसी देवेंद्र सिंह ने डीएम को पत्र लिखा है। अपने पत्र में उन्होंने कहा कि शासकीय सेवा से रिटायर होने के बाद तमाम लोगों ने जीवन की जमापूंजी लगाकर मकान बनवाया है। लोगों के पास ऐसा कोई स्रोत नहीं है, जिससे दोबारा मकान बनवा सकेंगे। उन्होंने कहा है कि नाले के दोनों तरफ चौड़ी सड़क और सुंदरीकरण शासकीय धन का दुरुपयोग है।
एमएलसी ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की ओर से रामगढ़ताल के किनारे बसे नागरिकों को 500 मीटर के बजाय 50 मीटर की दूरी तक सीमित रखने के आदेश का हवाला दिया। एमएलसी ने खोराबार टाउनशिप एवं मेडिसिटी योजना का जिक्र करते हुए कहा कि सीएम ने सार्वजनिक घोषणा की है कि किसी को विस्थापित किए बिना योजना बनाई जाए। इसे आधार मानकर गोड़धोइया नाला का सुंदरीकरण निरस्त करना चाहिए। उसकी जगह शुरुआत में 10 मीटर और अंत में 20 मीटर तक पक्का नाला बनाने की बात एमएलसी ने कही। एमएलसी ने कहा है कि नाले के दोनों ओर सड़क बनाने से कोई व्यापार, कोई रोजगार नहीं बढ़ेगा। इससे कोई आकर्षण भी नहीं बढ़ेगा। इस रास्ते से सिर्फ सफाईकर्मी ही जा सकेंगे। संवाद