इंप्रिंट इंडिया (इंपैक्टिंग रिसर्च इनोवेशन एंड टेक्नालॉजी) के निर्देशन में आईआईटी बीएचयू और आईआईटी रुड़की की टीम एक ऐसा कैलकुलेटर बनाएंगे जिससे पता चल सकेगा कि क्षेत्र विशेष में कितने वाहनों से कितना ध्वनि प्रदूषण हो रहा है। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शहर गोरखपुर और प्रदेश की औद्योगिक नगरी कानपुर में वाहनों से होने वाले ध्वनि प्रदूषण का डाटा एकत्रित करने के लिए सर्वे किया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, इंप्रिंट इंडिया के इस प्रोजेक्ट का बजट 33.80 करोड़ है। प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी आईआईटी बीचएचयू के प्रो. बृंद कुमार और आईआईटी रुड़की के प्रोफेसर मनोरंजन परिडा को सौंपी गई है। इनके निर्देशन में टीमें वाराणसी, गोरखपुर और कानपुर में काम कर रहीं हैं। गोरखपुर में आईआईटी बीएचयू के रिसर्च स्कॉलकर अमरदीप पांडेय के नेतृत्व में राज यादव और अनुज पांडेय ध्वनि प्रदूषण की डाटा संकलित कर रहे हैं।
प्रो. बृंद कुमार ने बताया कि तीन शहरों में ध्वनि प्रदूषण की जांच शुरू कर दी गई है। जांच के बाद आईआईटी बीएचयू और आईआईटी रुड़की की टीम के साथ मिलकर एक स्मार्ट कैलकुलेटर बनाया जाएगा। इससे यह पता चल सकेगा कि स्मार्ट सिटी और स्मार्ट टाउनशिप बसाने के दौरान उस क्षेत्र में ध्वनि प्रदूषण की स्थिति कितनी होनी चाहिए।