गोरखपुर मंडल में हाईवे के थानों पर लंबे समय से जमे पुलिस वालों पर गाज गिरना तय है। देवरिया और कुशीनगर में तस्करी से पहुंचने वाली शराब की खेप के बाद आईजी ने मामले को गंभीरता से लिया है।
उनका मानना है कि अगर गोरखपुर व अन्य जिलों के हाईवे की थाना पुलिस सक्रिय होती तो खेप पहुंचना संभव नहीं है। इस संबंध में आईजी ने रेंज के सभी एसपी की मीटिंग बुलाई है। शनिवार को होने वाली बैठक में आईजी ऐसे पुलिस वालों को चिह्नित कराने का काम करेंगे। आईजी ने कहा कि अब मामले में कार्रवाई की जाएगी। चेतावनी कई बार दी जा चुकी है।
जानकारी के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों में देवरिया और कुशीनगर में तस्कर पकड़े गए हैं। तस्करों ने गोरखपुर से होकर गुजरने की बात कबूली है। ऐसे में अगर पुलिस यहीं पर जांच करती तो वह वहां तक नहीं पहुंच पाते।
जानकारी यह भी सामने आई है कि कई पुलिस वाले ऐसे हैं, जो लंबे से हाईवे थाने पर ही तैनाती पाते रहे हैं। उनकी इस तैनाती का फायदा भी तस्कर उठा रहे हैं। तस्करी रुके, इसके लिए पहले आदेश भी कई बार दिए गए हैं, लेकिन अब भी गैर जनपद में गोरखपुर के रास्ते का इस्तेमाल कर तस्कर पहुंच रहे हैं।
जब सख्त होते हैं अफसर तो पकड़ ली जाती है खेप
गोरखपुर के अलावा महराजगंज से भी तस्करी के मामले सामने आए हैं। रेंज के सभी एसपी को एक बार फिर से हाईवे थाना पर तैनात पुलिस वालों की समीक्षा का टारगेट दिया जाएगा। आईजी राजेश डी मोडक ने बताया कि इस मामले में अब सीधे कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में पत्र जारी कर दिया गया है। मीटिंग भी बुलाई गई है, जिसमें सिर्फ तस्करी और हाईवे थाने पर तैनाती पर ही सवाल-जवाब होना है।
चौरीचौरा हो या फिर सहजनवां, गीडा, खोराबार, जब भी अफसर सख्त होते हैं, तो तस्कर दबोचे जाते हैं, लेकिन अफसरों का ध्यान दूसरे अपराध पर लगते ही फिर पहले की तरह ही चलने लगता है। इसके पहले कुशीनगर में एक सीओ की गाड़ी से तस्करी के शराब को पकड़ा गया था। उस मामले में कार्रवाई भी हुई थी और उसका असर भी सामने आया, लेकिन एक बार फिर तस्करी का मामला सामने आने पर आईजी ने सख्ती दिखाई है।