लेकिन, एक बार जो चाल बिगड़ी तो अब तक नहीं सुधर पाई है। इसकी एक बड़ी वजह यह भी है कि त्योहार खत्म होते ही रेलवे ने जगह-जगह चल रहे निर्माण कार्य के चलते पॉवर ब्लॉक व यात्री ब्लॉक शुरू कर दिया है। इस वक्त छपरा जंक्शन पर ब्लॉक के चलते चार ट्रेनों को 29 नवंबर से 12 दिसंबर तक के लिए निरस्त कर दिया है। छपरा-मथुरा एक्सप्रेस भी भटनी जंक्शन से चलाई जा रही है।
इसके अलावा कोहरे के चलते गोरखपुर-आंनद विहार समेत 28 ट्रेनों को दिसंबर, जनवरी और फरवरी में निरस्त कर दिया गया है। वहीं गोरखपुर-पाटलीपुत्र, ग्वालियर बरौनी और नई दिल्ली-न्यू जलपाई गुड़ी समेत 34 ट्रेनों का फेरा कम किया गया है। इसके चलते यात्रियों का सारा दबाव नियमित चलने वाली ट्रेनों पर आ गया है। इसका असर यह हुआ है कि दिल्ली-मुंबई जाने वाली ट्रेनों में स्लीपर से लेकर एसी फर्स्ट क्लास तक के टिकट वेटिंग में चल रहे हैं।
कुशीनगर एक्सप्रेस, गोरखपुर एलटीटी, वैशाली सुपर फास्ट, गोरखधाम आदि चर्चित ट्रेनों में सीट के लिए मारामारी मची है। इन ट्रेनों के रास्ते में परिवर्तन भी बड़़ी मुसीबत है। गोरखपुर से मुंबई जाने वाली अधिकांश ट्रेनों के प्रयागराज में रूट डायवर्जन के चलते दिक्कत हो रही है।
मुंबई से आने वाली कुशीनगर एक्सप्रेस मंगलवार को सुबह 7 बजे के बजाय शाम करीब 6 बजे गोरखपुर स्टेशन पर पहुंची। इस ट्रेन को सफाई के लिए तुरंत वाशिंग पिट भेजा गया। लेकिन, यह भी रात में करीब 12 बजे रवाना हो पाएगी, जबकि इसे शाम 5.45 बजे वापस जाना था। दादर एक्सप्रेस भी सुबह देरी से चलाई गई थी।
एसी थर्ड की हालत स्लीपर जैसी
ट्रेनों में भीड़ का आलम यह है कि अब स्लीपर ही नहीं एसी थर्ड में भी जनरल डिब्बों जैसे यात्री भरे रह रहे हैं। एनार्रकुलम-राप्ती सागर ट्रेन का एक वीडियो चर्चा में है, जिसमें एसी थर्ड में भी स्लीपर कोच जैसी स्थिति है। कोच की गैलरी में यात्री सामान समेत भरे हुए थे। इससे पहले ऐसा ही एक वीडियो गोरखधाम एक्सप्रेस का भी सामने आया था, जिसमें टीटीई गैलरी में खड़े यात्रियों की टिकट जांच के लिए जूझ रहे हैं। गोरखपुर से दिल्ली जाने वाली एक ट्रेन में टीटीई और वेंडर के बीच यात्रियों को कोच में जबरन घुसाने को लेकर विवाद तक हो चुका है।