- डीआईजी ट्रेनिंग ने गोरखपुर मंडल के पुलिसकर्मियों को दिया प्रशिक्षण
गोरखपुर। डीआईजी ट्रेनिंग देव रंजन वर्मा ने पुलिसकर्मियों को व्यवहार में संवेदनशीलता और शालीनता अपनाने की सीख दी। उन्होंने कहा कि जो व्यवहार हम खुद के लिए पसंद नहीं करते, वैसा दूसरों के साथ भी नहीं करना चाहिए। चेहरे की भाव-भंगिमा सामने वाले पर गहरा प्रभाव डालती है। मुस्कुराकर मिलने से लोगों की आधी समस्या वहीं दूर हो जाती है।
बुधवार को योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में मंडल के चारों जिलों से आए करीब 450 पुलिसकर्मियों को कार्य व्यवहार का प्रशिक्षण दिया गया। डीआईजी ने प्रशिक्षण के दौरान संवाद के जरिये पुलिसकर्मियों को व्यवहार के अलग-अलग पहलुओं से परिचित कराया। उन्होंने एक बदमाश की कहानी सुनाते हुए बताया कि जेल में जज ने जब उसकी अंतिम इच्छा पूछी तो उसने मां से मिलने की इच्छा जताई। मां के पहुंचने पर उसने उनकी जीभ काट ली।
उन्हाेंने बताया कि बदमाश ने कहा कि बचपन में चोरी करने पर मां ने उसे नहीं रोका था। उस समय उसे टोका गया होता तो शायद यह दिन नहीं देखना पड़ता। डीआईजी ने सभ्यता और संस्कृति में अंतर, सांस्कृतिक संवेदनशीलता तथा ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि किसी दिव्यांग व्यक्ति को देखकर हंसना नहीं चाहिए।
इस दौरान एसपी सिटी निमिष पाटील, एसपी क्राइम सुधीर जायसवाल, सीओ कोतवाली ओंकार दत्त तिवारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।