संतकबीरनगर। विद्युत निगमों के निजीकरण और कर्मियों के उत्पीड़न के विरोध में शुक्रवार को बिजली कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। इस दौरान बिजली कर्मियों ने निजीकरण की प्रक्रिया निरस्त करने की मांग कर चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
संघर्ष समिति के पदाधिकारी दिलीप मौर्य ने कहा है कि निजीकरण का फैसला उपभोक्ताओं और कर्मियों के हित में नहीं है। निजी हाथों में व्यवस्था जाने से बिजली महंगी हो जाएगी।
इसका भार उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन को दबाने के लिए बिजली कर्मियों के उत्पीड़न की कार्रवाई की जा रही है। इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस अवसर पर इंजीनियर मुकेश गुप्ता, धीरेंद्र नाथ यादव, शैलेंद्र कुमार यादव, दिलीप सिंह, सुनील प्रजापति, सूरज प्रजापति, नारायण चंद्र आदि मौजूद रहे। संवाद