राजघाट इलाके की एक जमीन को लेकर शुक्रवार को खूब हंगामा हुआ। बताया जा रहा है कि इस जमीन को लेकर समझौते की बात भी चली थी, लेकिन रेट को लेकर दोनों पक्षों में विवाद शुरू हो गया। शनिवार को पुलिस ने चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के पदाधिकारी प्रवीण मोदी और सराफा व्यापारी प्रभाकर अग्रवाल के जमीन के कागजात मांगे।
चर्चा है कि इस मामले में कई सफेदपोश भी समझौता कराने आगे आए और वर्तमान में भी वे इस केस में पैरवी कर रहे हैं। करोड़ों की इस जमीन पर अब कई लोगों की आंखें गड़ गई हैं। जमीन को विवादित बनाकर वे कम दाम में इसे हथियाना चाह रहे हैं।
मामले से जुड़े दोनों पक्ष जमीन अपनी बता रहे हैं। इसीलिए दोनों पक्षों के पास जमीन को जो भी कागजात है, पुलिस ने उन्हें जमा कराने के लिए कहा है। ताकि नगर निगम में इन कागजातों की जांच हो सके। इस मामले की जांच एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई कर रहे हैं।
शनिवार को मामले से जुड़े कई फाइलों की छानबीन भी हुई। शनिवार को दोनों ही पक्ष अपने अपने पैरवीकार के पास पहुंचे और उनसे अपनी पैरवी भी कराई। अपना पक्ष मजबूत करने के लिए जमीन के पुराने कागजात भी दोनों पक्ष जुटा रहे हैं।
शुक्रवार को बुलडोजर लेकर पहुंचा था एक पक्ष
राजघाट इलाके के पांडे हाता निवासी चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के पदाधिकारी प्रवीण मोदी के मकान के पास एक जमीन है, इसको लेकर विवाद हुआ। इस जमीन को प्रवीण और सराफा व्यापारी प्रभाकर अग्रवाल दोनों ही अपना बताते हैं। आरोप है कि शुक्रवार की सुबह सराफा व्यापारी प्रभाकर अपने 20-25 परिचितों के साथ बुलडोजर लेकर विवादित जमीन पर पहुंचे थे।
वहां गेट पर लगे ताला को खोलकर अंदर गए। तभी इसकी जानकारी प्रवीण को हो गई। वह वहां पहुंचकर उस घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए। इसके बाद पुलिस को जानकारी दी। वहां पुलिस पहुंचकर काम बंद कराई।