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Gorakhpur News: सड़कों पर बारिश का पानी लगेगा तो...रुकेगा नहीं

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गोरखपुर। गोरक्षनगरी बदल रही है। शहर में फोरलेन, फ्लाईओवर और बहुमंजिली इमारतें तो विकास की बदलती तस्वीर तो दिखा ही रहीं हैं, सबसे बड़ी समस्या बारिश में जलभराव की भी अब दूर हो गई है। जिन सड़कों पर हल्की बारिश में भी दो फीट तक पानी लग जाता था। इस वर्ष मूसलधार बारिश के बाद भी ज्यादा समय तक पानी एकत्र नहीं हुआ। दो से तीन घंटे में ही निकल गया।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहर में जलभराव की समस्या को बेहद गंभीरता से लिया था। इसके लिए पहले से ही प्लानिंग की। अफसरों को निर्देश दिए और खुद मौके पर जाकर निरीक्षण भी किया, जिसका परिणाम इस मानसूनी बारिश में दिखने लगा है। गोलघर, विजय चौक, गीता प्रेस, नखास चौक, रेती रोड, नरसिंहपुर, गोपलापुर में बारिश के दिनों में लोगों को सांसत झेलनी पड़ती थी। गोड़घोइया नाला के आसपास तो नाव चलानी पड़ती थी। अन्य जगहों पर भी गली-मोहल्ले ही नहीं प्रमुख बाजार की सड़कें भी लबालब होती जाती थीं। पानी की निकासी में पूरा दिन लग जाता था। कुछ जगहों पर तो तीन से चार दिनों तक पानी निकल नहीं पाता था। दुकानों में बारिश का पानी घुसने से लाखों की बर्बादी होती थी। अब ऐसा नहीं है। नए नाला बनाए गए हैं, पुराने नालों की नियमित सफाई हुई और सड़कों को ऊंचा किया गया। इससे बदले हुए गोरखपुर की तस्वीर अब बदली हुई नजर आने लगी है।
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कलक्ट्रेट परिसर
वर्ष 2015-16 में जब लगातार चार-पांच दिनों तक बारिश हुई थी तो कलक्ट्रेट परिसर में दो फीट तक पानी लग गया था। तब डीएम और एसएसपी का कार्यालय यहीं था। दफ्तर में पानी न जाने पाए इसके लिए पंपसेट लगाए गए थे। इस बार तो पता ही नहीं चला। रात भर बारिश हुई और सुबह जब आए तो कहीं भी पानी नहीं दिखा।
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सुनील जायसवाल, एडवोकेट

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गोलघर चेतना तिराहा
मुझे तो आश्चर्य हो रहा है कि शनिवार की रात मूसलाधार बारिश हुई। सुबह भी बारिश होती रही लेकिन गोलघर में सड़क पर जलभराव देखने को नहीं मिला, जबकि चेतना तिराहे पर ही घुटने भर तक पानी लग जाता था। शहर में यह चर्चा का विषय भी है। मेरा मानना है कि नालों की नियमित सफाई से ही ऐसा हुआ है।
रमेंद्र प्रताप चंद, शिक्षक
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विजय चौक
विजय चौक पर तो हल्की बारिश में ही सड़क लबालब हो जाती है। इस साल अच्छी बारिश हुई है, लेकिन कुछ देर बाद ही पानी बह गया। कहीं भी नालियां चोक नहीं देखने को मिली। शहर की एक बड़ी समस्या से राहत मिली है।
वकील सिंह, स्थानीय नागरिक

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राप्ती कॉम्प्लेक्स
बारिश होने पर राप्ती काॅम्प्लेक्स के दुकानदारों को बहुत दिक्कत होती थी। जलभराव होने से ग्राहक आते ही नहीं थे। बारिश का पानी निकलने में पूरा दिन लग जाता था। कई बार तो किराए पर पंपसेट लगाना पड़ा, लेकिन अब तेज बारिश में भी पानी एकत्र नहीं हुआ। इससे हम लोगों को बड़ी राहत मिली है।

ओंकार सिंह, दुकानदार

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साहबगंज

सच मानिए, यकीन नहीं हो रहा है कि इस बार बारिश में जलभराव में दुकानें बंद नहीं हुई। वरना हर साल दुकान तक पानी चढ़ जाता था। कई बार तो सामान भी खराब हो जाता था। इस बार राहत मिली है। किसी भी दिन दो से तीन घंटे से ज्यादा पानी नहीं रुका।
शुभम अग्रहरि, दुकानदार

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नखास चौक

हम लोग यह मानकर चलते थे कि बारिश में दुकानें नहीं खोल पाएंगे। मेरी दुकान में तो कई बार पानी घुस गया। इस बार राहत मिली है। सड़क पर भी पानी नहीं रुका। नगर निगम ने नालियों की सफाई भी करवाई है, इसका भी असर दिखा है।
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अश्वनी कुमार, नखास चौक
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