निजी लैब को कोरोना जांच से पहले अब आईसीएमआर को मरीजों को जानकारी देनी होगी। इसके लिए निजी लैब के टेक्नीशियनों की अलग से आईडी बनाई गई है। उसी आईडी के जरिए मरीजों का पूरा ब्योरा देना होगा। रिपोर्ट आने से लेकर सभी जानकारियां भी साझा करनी होगी। जबकि पहले जांच के बाद सीधे रिपोर्ट सीएमओ को दी जाती थी।
निजी लैब को कोरोना जांच की अनुमति देने के बाद आईसीएमआर ने अब नियम में बदलाव किए हैं। प्रदेश में जितने भी निजी लैब संचालकों को जांच की अनुमति मिली है, उन पर काम करने वाले सभी लैब टेक्नीशियनों की आईडी बनाई गई है। गोरखपुर में दो निजी लैब के 20 टेक्नीशियनों की आईडी बनाई गई है।
उन्हीं लॉगिन के जरिए टेक्नीशियन मरीजों के नाम, पता और उनका मोबाइल नंबर के साथ डॉक्टर की पर्ची आईसीएमआर को भेजेंगे। इसके बाद उन मरीजों की कोरोना जांच होगी। जांच के बाद रिपोर्ट आईसीएमआर को भेजनी होगी। पैथकाइंड लैब के राजीव मित्तल ने बताया कि हमारे लैब के सभी टेक्नीनिशयन की आईडी बना दी गई है।
इसकी जानकारी आईसीएमआर को दी गई है। आईसीएमआर एक एप लांच करने वाला है, उसी एप पर सारी जानकारियां देनी होगी। आईसीएमआर के प्लानिंग और कोर्डिनेशन इंचार्ज डॉ. रजनीकांत ने बताया कि आईसीएमआर एक लॉगिन और पासवर्ड लैब को देगा। उसी पर पूरा ब्योरा रिपोर्ट आने के बाद देना होगा।
आईसीएमआर के प्लानिंग और कोर्डिनेशन इंचार्ज ने बताया कि देश भर में 462 लैब कोरोना की जांच कर रही है। इसमें 123 निजी लैब शामिल हैं। पूर्वांचल में गोरखपुर में केवल दो कलेक्शन सेंटर बनाए गए हैं। इसके अलावा कही और निजी लैब को अनुमति नहीं दी गई है।