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सीएम योगी के शहर में कोरोना योद्धा बनें IAS दंपती, जान की परवाह किए बिना कर रहे ये काम

Fri, 10 Apr 2020 04:18 PM IST
vivek shukla डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर।
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अनुज सिंह और उनकी पत्नी हर्षिता माथुर। - फोटो : अमर उजाला
कोरोना वायरस को लेकर पूरे देश लॉकडाउन हुआ है। ऐसे में लोगों से अपील की जा रही है कि वे अपने घरों में ही रहें, घर से बाहर निकलने पर कोरोना खतरा हो सकता है। ऐसे में गोरखपुर शहर का एक आईएएस दंपती लोगों की सेवा में लगा हुआ है। लोग इन्हें कोरोना योद्धा बता रहे हैं। जी हां, हम बात कर रहें हैं, गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) के उपाध्यक्ष अनुज सिंह और उनकी पत्नी व गोरखपुर की मुख्य विकास अधिकारी हर्षिता माथुर की।
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अनुज सिंह और हर्षिता माथुर। - फोटो : अमर उजाला
जीडीए उपाध्यक्ष अनुज सिंह दैनिक मजदूरों, सड़क किनारे रहने वाले गरीबों की देख-रेख और उन्हें समय से भोजन मुहैया कराने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। साथ ही बेजुबान जानवरों के चारे और दवा का भी इंतजाम कर रहे। चिड़ियाघर, एम्स, खाद कारखाना समेत निर्माणाधीन योजनाओं में काम करने वाले मजदूरों को खाना और उनकी दूसरी जरूरतें पूरी हो रही हैं या नहीं, इसका भी ध्यान रख रहे।
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अनुज सिंह और हर्षिता माथुर। - फोटो : अमर उजाला
प्राधिकरण की सभी कॉलोनियों में सफाई और सैनिटाइजेशन की व्यवस्था करा रहे। क्वारंटीन और आइसोलेट किए गए लोगों के स्वास्थ्य की देखभाल में जुटे डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ के लिए तारामंडल स्थित लोहिया एंक्लेव में खाली पड़े 24 फ्लैट सुरक्षित करने के साथ ही वहां बिजली, पानी का इंतजाम किया। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर औैर पैरामेडिकल स्टाफ को वहां भी क्वारंटीन किया जा सकता है।

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सीडीओ हर्षिता माथुर। - फोटो : अमर उजाला
वहीं सीडीओ हर्षिता माथुर ने ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को संक्रमण से बचाने के लिए अब तक 14 हजार से अधिक लोगों तक स्वच्छता किट पहुंचा चुकी हैं। रोजाना कई ब्लाकों का निरीक्षण कर क्वारंटीन किए गए बाहर से आए लोगों का हाल जानने के साथ ही उनके भोजन, पानी और उन्हें मच्छर से बचाने के लिए मच्छरदानी बंटवा रही हैं। जिले के मुसहर और वनटांगिया गांवों पर विशेष नजर है। उन्हें कोरोना के संक्रमण से बचाने के लिए घर-घर जाकर जागरूक करती हैं।
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हर्षिता माथुर। - फोटो : अमर उजाला
हर्षिता यह सुनिश्चित करती हैं कि उन्हें समय से राशन और अन्य जरूरी सेवाएं मिलती रहें। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को ज्यादा से ज्यादा सहूलियत पहुंचाने के लिए बनने वाली योजनाओं में डीएम को महत्वपूर्ण इनपुट उपलब्ध कराकर उनकी सहयोग करती हैं। मनरेगा मजदूरों, वृद्धा एवं निराश्रितों को समय से पेंशन दिलाने के साथ ही इस पर भी नजर रख रही हैं कि कोई इन गरीबों की पेंशन और मजदूरी पर डाका न डाल सके। हाल ही में चिलुआताल थाना क्षेत्र के एक गांव में प्रधान ने कई मनरेगा मजदूरों की मजदूरी पर डाका डालने का प्रयास किया था जिस पर प्रधान पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दूसरी पंचायतों में प्रशासनिक सख्ती का संदेश दिया।
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