उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पॉक्सो प्रथम दीप कांत मणि ने हत्यारोपी पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही 20 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड की अदायगी न करने पर दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
भगवंता देवी ने महुली थाने में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि उसकी बेटी सोनू की शादी वर्ष 2001 में महुली क्षेत्र के झिंगुरापार निवासी राजू गुप्ता के साथ हुई थी। कुछ दिन तो मामला ठीक रहा लेकिन बाद में पता चला कि राजू शराब पीता है और उसका कई महिलाओं से संबंध है। इसी वजह से राजू बेटी सोनू को मारता-पीटता था।
इस संबंध में राजू की मां फूलमती भी सहयोग करती थी। राजू और सोनू से एक बेटा पैदा हुआ। 27 अक्तूबर 2013 की सुबह 7:00 बजे राजू के पड़ोसियों के माध्यम से पता चला कि राजू और उसकी मां तथा रिश्तेदार उसकी बेटी सोनू को बुरी तरह से मार पीटे थे और उसे टेपों में बैठा कर कहीं ले गए।
एक नवंबर 2013 को एक अज्ञात शव सहजनवां गाहासांड़ के पास नदी के किनारे मिलने की जानकारी हुई। सूचना मिलने पर वहां पहुंची तो शव की शिनाख्त बेटी सोनू के रूप में हुई। आरोप लगाया कि दामाद राजू व राजू की मां फूलमती और रिश्तेदारों ने उसकी बेटी को मार कर लाश नदी में फेंक दिया। पीड़ित मां की तहरीर के आधार पर महुली पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज किया।
एडीजीसी हेमंत मिश्र ने बताया कि मुकदमे की सुनवाई के दौरान आरोपी फूलमती की मौत हो गई थी। इस मामले में अभियोजन की तरफ से 16 गवाहों की गवाही कराई गई। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश दीप कांत मणि ने अभियुक्त राजू गुप्ता को आजीवन कारावास एवं दो हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।