गोरखपुर। शहर में पैडलेगंज से फिराक चौराहे तक निमार्ण कार्य के लिए करीब 170 दुकानों और मकानों को तोड़ा जाएगा। अधिकांश लोगों के मकानों का अगला हिस्सा प्रभावित हो रहा है। दुकानों को तोड़ने से अधिकांश लोगों की परेशानी बढ़ गई है। जिन दुकानों और मकानों के सामने नाला बन रहा है। वहां का काम तेजी से कराने की बात लोग कह रहे हैं। पैडलेगंज से फिराक चौराहे तक फोरलेन का काम जनवरी 2024 तक पूरा कराने का लक्ष्य रखा गया है।
शहर में नया फोरलेन पैडलेगंज से फिराक चौराहे तक करीब 1.8 किलोमीटर लंबा व 25 मीटर चौड़ा बन रहा है, जिसकी लागत करीब 277 करोड़ रुपये है। नाला निर्माण और मिट्टी का समतलीकरण चल रहा है। निर्माण कार्य के लिए कैंट थाना के पास बनी नगर निगम की 19 दुकानें टूट चुकी हैं।
पैडलेगंज से फिराक चौराहे की तरफ दाहिनी ओर आईजी बंगला और एडीजी आवास की चहारदीवारी, उनके बगल में बैंक की चहारदीवारी सहित अन्य निर्माण कार्य तोड़े जा चुके हैं। अब इस सड़क पर दूसरी ओर भी मकानों और दुकानों को तोड़ा जाएगा। इसके लिए सवा दो मीटर से लेकर नौ मीटर तक लाल और नीला निशान लगा दिया गया है।
दुकानों के टूटने की आशंका से सहमे दुकानदार
कैंट थाना लेन में निजी कटरे में दवा सहित दो मंजिला 32 दुकानें हैं। इसमें अशोक कुमार की 28 साल पुरानी दवा की दुकान है। सोमवार दोपहर 01:36 बजे वह दुकान में बैठे थे। उन्होंने कहा कि अभी तो आगे ही निर्माण चल रहा है। नगर निगम की दुकानें टूट गई हैं, तो अन्य कैसे बचेंगी। अशोक की मेडिकल स्टोर सहित अन्य दुकानें टूटने से करीब दो सौ लोग प्रभावित होंगे। दुकानों के टूटने की आशंका से लोग सहमे हुए हैं।