रंगों का पर्व होली सोमवार को है, जबकि होलिका दहन रविवार को किया जाएगा। पूर्णिमा तिथि में शाम 6:05 बजे से रात 12:40 तक होलिका दहन के लिए मुहूर्त है। इस होली पर वृद्धि योग और मित्र नामक औदायिक योग भी बन रहे हैं, जिन्हें बहुत शुभ माना जाता है। रंगों के पर्व पर जश्न के लिए लोगों ने तैयारियां पूरी कर ली है। जगह-जगह सम्मत लगा दी गई है।
ऐसे करें होलिकादहन
पंडित शरद चंद्र मिश्र के अनुसार, स्नानादि के बाद होलिकादहन के समय दाहिने हाथ में जल, चंदन, अक्षत, द्रव्य आदि लेकर संकल्प करें। संकल्प करके किसी पेड़ की डाली को आरोपित करके, उसके चारों ओर सूखी लकड़ी, कंडे, सूखा पुआल व अन्यान्य झाड़-झंखाड़ की ढेरी रखें और होलिका का ध्यान करें।
इसके बाद षोडशोपचार पूजन कर प्रार्थना करें। फिर अछूत कहे जाने वाले व्यक्ति के घर से अथवा प्रसूतिका स्त्री के घर से अग्नि मंगाकर या न उपलब्ध होने पर वहीं अग्नि प्रज्वलित कर होली जलाएं।