विधायक फतेह बहादुर प्रकरण को हवा देकर प्रदेश सरकार पर सवाल उठवाने वाले अब खुद मुसीबत में हैं। शासन स्तर से चल रही एसटीएफ की जांच में चौंकाने वाले सच खुले हैं। पता लगा है कि विधायक की राह के कांटे रिंकू को हटाने के बहाने जिन शातिरों ने यह पूरा खेल रचा, अब उन कांटों को चुन-चुन कर बाहर निकाला जा रहा है।
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इसी कड़ी में शाहपुर के एक चर्चित मामले में शामिल रहे हिस्ट्रीशीटर और उसके लाइजनर दोस्त की भूमिका भी सामने आई है। इन्हीं दोनों ने रिंकू और विधायक की सियासी रंजिश को ढाल बनाकर अपने आकाओं के सियासी मंसूबे पूरे करने को यह खेल खेला था।
पहले विधायक को रिंकू के खिलाफ भड़काया और फिर इसे सियासी शिगूफा बनाकर लखनऊ-दिल्ली तक हल्ला मचवाया। हिस्ट्रीशीटर और उसके साथी गुर्गों पर भी गैंगस्टर लगाने की तैयारी चल रही है।
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अपनी सुरक्षा व्यवस्था का खतरा बताकर प्रदेश सरकार पर सवाल खड़ा करवाने वाले विधायक फतेह बहादुर सिंह दो दिन पहले ही यू-टर्न ले चुके हैं। एक दिन पहले सीएम योगी से मिलकर सुरक्षा बढ़ाने के साथ इस मामले की जांच की मांग भी की थी।
भाजपा विधायक फतेह बहादुर सिंह
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने यह भी दावा किया था कि कुछ विरोधियों ने इस मामले का सियासी इस्तेमाल कर लिया। शासन स्तर से चल रही प्रकरण की गहन जांच में कड़ी दर कड़ी खुलती जा रही है। आधिकारिक सूत्रों से पता लगा है कि विधायक की सियासी राह में कांटा बने रिंकू का नाम चर्चा में लाकर कुछ शातिरों ने पूरा खेल खेला था।
शाहपुर के केस में नामजद पीपीगंज के हिस्ट्रीशीटर के साथ उसके लाइजनर दोस्त और एक टॉप-10 माफिया का भी नाम है। पता लगा है कि लाइजनर के चक्कर में गोरखपुर से भागकर दूसरे प्रांतों में जड़ें जमा रहा माफिया भी फंस रहा है। इस मामले में तैयार की जा रही फाइल में शाहपुर कांड के कई शातिरों के नाम हैं। इन सभी की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है।
पीपीगंज के हिस्ट्रीशीटर ने एमएलसी को बताई थी विधायक पर खतरे वाली बात
जिले की पुलिस विधायक के आरोपों के बाद अपने स्तर से मामले की जांच में जुटी है। अभी तक के जांच में ये तथ्य सामने आया कि पीपीगंज के एक हिस्ट्रीशीटर ने रिंकू चौधरी का नाम लेकर विधायक पर खतरे वाली बात एमएलसी को बताई थी।
विधायक फतेह बहादुर सिंह
- फोटो : सोशल मीडिया
सूत्र बताते हैं कि एमएलसी से यह बात विधायक फतेह बहादुर तक पहुंची। हालांकि हिस्ट्रीशीटर ने पूछताछ में इससे इंकार किया है। इसी वजह से स्थानीय पुलिस भी मामले में अभी तक केस दर्ज नहीं कर सकी है।
बिचौलिए की भूमिका भी संदिग्ध
सूत्रों ने बताया कि अभी तक की जांच में यह सामने आया है कि विधायक का एक समय खास रहे रिंकू चौधरी की पत्नी के चेयरमैन का चुनाव लड़ने के दौरान दोनों के बीच तलवारें खिंची थी। इसका लाभ बिचौलिए ने उठाया और रिंकू चौधरी व विधायक के बीच की खाई और चौड़ी होती गई।
सूत्रों की मानें तो पिछले दिनों कैंपियरगंज में एक होटल के खिलाफ की गई कार्रवाई में भी इसी बिचौलिए का नाम चर्चा में रहा। सूत्रों की मानें तो 2017 के पहले समाजवादी पार्टी के पदाधिकारियों के बीच होटल संचालक की अच्छी दखल थी। प्रदेश में सपा की सरकार दोबारा नहीं बनीं तो इसी बिचौलिए के जरिए होटल संचालक ने विधायक से करीबी बना ली।
सीएम से मुलाकात के बाद विधायक फतेह बहादुर सिंह ने फेसबुक पर फोटो भी साझा किया
- फोटो : सोशल मीडिया
टॉप 10 माफिया से भी बिचौलिए के करीबी रिश्ते
जिले की टॉप-10 माफिया की सूची में शामिल बदमाशों से भी इस बिचौलिए के काफी अच्छे रिश्ते हैं। पुलिस अब बिचौलिए की आपराधिक हिस्ट्री भी खंगाल रही है। एजेंसी या पुलिस किसी भी बिंदु पर विधायक की सुरक्षा से समझौता न हो, इसका पूरा ध्यान रख रही है।
सूत्रों ने बताया कि इसे लेकर सीएम दफ्तर से भी लगातार निगरानी की जा रही है। ऐसे में पुराने और नए मामलों की पूरी लिस्ट तैयार हो रही है। इसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रसूख का किया गलत इस्तेमाल
सूत्रों ने बताया कि विधायक अपने शुभचिंतकों का खास ख्याल रखते हैं। इसका गलत फायदा उठाते हुए कैंपियरगंज में एक होटल बिना प्रपत्रों के ही संचालित हो रहा था। सूत्रों ने बताया कि इस होटल में भी बिचौलिए की भूमिका सामने आई है। उसी की साझेदारी में होटल संचालक इतने लंबे समय से बिना किसी लाइसेंस के ही होटल का संचालन कर रहा था। स्थानीय पुलिस से लेकर अन्य विभागों में बिचौलिया ही सांठगांठ बनाता था।