सीएम योगी पर आरोप लगाने से पहले उनके बारे में सच्चाई जानलेनी चाहिए। आरोप लगाने वाले या तो नासमझ है या सच्चाई से काफी दूर हैं यदि उन्हें सच्चाई मालूम होती तो इस तरह का घिनौना आरोप एक अपराधी के मारे जाने पर नहीं लगाते। शायद उन्हें यह नहीं मालूम कि सीएम योगी ने कभी जातिवाद को बढ़ावा नहीं दिया, उनकी निगाह में समाज के सभी वर्ग के लोग एक समान है।
हम लोग करीब से उनके बारे में जानते हैं योगी पर आरोप लगाने वाले को शायद यह नहीं मालूम कि अपराधियों की कोई जात नहीं होती जिस दुर्दांत अपराधी के मारे जाने पर ब्राह्मणवाद के नाम पर लोग सोशल मीडिया पर चिल्ला रहे हैं, मैं उनसे यह पूछना चाहता हूं कि जिन दर्जनभर ब्राह्मणों की हत्याएं दुर्दांत अपराधी विकास दुबे ने किया था, क्या वह लोग ब्राह्मण नहीं थे।
उन ब्राह्मणों की विधवाओं की सुनी मांग उन्हें दिखाई नहीं दे रही है। उनके अनाथ हुए बच्चे उन्हें दिखाई नहीं दे रहे हैं यदि विरोध करने वाले ब्राह्मणों को दिखाई दे रहा है तो उन्हें अपना विरोध बंद कर योगी सरकार तथा यूपी पुलिस की प्रशंसा करनी चाहिए। विरोधियों को सोचना चाहिए कि इसके पूर्व सपा और बसपा की सरकार ने अपराधियों को पाला था।