गोरखपुर। जिले में राप्ती नदी के दोनों किनारों पर बसे 30 गांवों की 20 हजार से अधिक आबादी के लिए राहत भरी खबर है। मिर्जापुर और बलुईगाड़ा के बीच दो लेन का स्थायी पुल बनाया जाएगा। सेतु निगम ने वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना में इसे शामिल कर लिया है। इस परियोजना के तहत करीब 350 मीटर लंबा पुल बनाया जाएगा। शासन से मंजूरी मिलने के बाद डीपीआर तैयार होगी।
वर्तमान में इस क्षेत्र के लोग राप्ती नदी पार करने के लिए पीपे के पुल पर निर्भर हैं। बरसात के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ने पर इसे हटा दिया जाता है जिससे कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय और आसपास के क्षेत्रों से प्रभावित हो जाता है। ऐसे में लोगों को लंबा चक्कर लगाकर आवागमन करना पड़ता है। समय तो ज्यादा लगता ही है, आने-जाने का खर्च भी बढ़ जाता है।
इन गांवों को मिलेगा कनेक्टिविटी का बूस्टर डोज
पुल बनने के बाद मिर्जापुर, बलुईगाड़ा, बगही, चेरिया, बुलबुलहा, भौवापार, महावीर छपरा, कालबाग, जुड़ापुर, बड़ेरिया, बरबसपुर, ककराखोर, कुसमौल, डेफरा, ऊंचगांव बगही, खैरा, कैक्योंनरा, मेहरौली, टेल्हना, ब्योहरिया और मामापार समेत 30 से अधिक अधिक गांवों के लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी। इस पुल का एक बड़ा लाभ यह भी होगा कि ताल नदौर में निर्माणाधीन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम तक पहुंच आसान हो जाएगी।
बोले अधिकारी
परियोजना को वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना में शामिल कर लिया गया है। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद डीपीआर तैयार की जाएगी।
मिथिलेश कुमार, जीएम सेतु निगम
प्रोजेक्ट की खबर सुन स्थानीय निवासी बोले-हादसों पर भी लगेगी रोक
- बलुईगाढ़ा के अलीराज ने कहा- वर्षों से स्थायी पुल की मांग की जा रही है, अब यह पूरी होती दिख रही है। पुल बनने से आसपास के सैकड़ों गांवों के लोगों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी और विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी।
- नया अव्वल गांव के सिंहासन यादव ने कहा-पीपा पुल हटने के बाद लोगों को लंबा चक्कर लगाकर आना-जाना पड़ता है। स्थायी पुल बनने से कई क्षेत्रों की दूरी काफी कम हो जाएगी। इससे समय और परिवहन खर्च दोनों की बचत होगी।
- चेरिया गांव के धर्मेंद्र यादव बोले- हर वर्ष 10 नवंबर को पीपा पुल लगाया जाता है और 15 जून तक हटा लिया जाता है। बरसात में पुल हटने के बाद लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि गर्मियों में नदी पार करने या स्नान के दौरान कई लोग डूब जाते हैं। स्थायी पुल बनने से ऐसे हादसों पर भी काफी हद तक रोक लग सकेगी और लोगों को पूरे साल सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी।