लगभग 400 मीटर की सड़क पर कहीं भी इस सड़क पर कहीं भी इस गर्मी में प्यास बुझाने या शौचालय का इंतजाम नहीं है। एक हैंडपंप है भी तो वह खराब है। वहां कूड़े का ढेर लगा रहता है। दुकानदारों के साथ ही मरीजों और उनके परिजनों को शौचालय नहीं होने से काफी दूर जाना पड़ता है।
पार्किंग बन जाती तो मिलती राहत
अधिकतर मरीज चार पहिया वाहनों से आते हैं, परिजन वाहनों को सड़कों पर ही खड़ा करते हैं। इससे यहां सुबह से शाम तक जाम की समस्या बनी रहती है। यहां कहीं पार्किंग बन जाती तो थोड़ी राहत मिलती।
: राजेश कुमार टेकड़ीवाल, दुकानदार
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प्रभावित होती है दुकानदारी
मरीजों के परिजन दुुकान के सामने गाड़ी लगा देते हैं, इससे दुकानदारी प्रभावित होती है। वहीं इस मार्ग पर कोई शौचालय नहीं है, इससे दुकानदारों को दूर जाना पड़ता है। यहां एक सुलभ शौचालय की आवश्यकता है।
: सुनील पांडेय, दुकानदार
सहजनवां से पिता का इलाज कराने आया हूूं। काफी देर प्रयास करने के बाद भी गाड़ी खड़ी करने की जगह नहीं मिली। मजबूरी में गाड़ी को सड़क किनारे लगाना पड़ा, यहां पार्किंग नहीं होने से बहुत दिक्कत होती है।
: केपी सिंह, मरीज के परिजन।
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सड़क पर पैदल चलना भी मुश्किल
पिपराइच से इलाज कराने आया हूं, जाम के चलते इस सड़क पर पैदल चलना भी मुश्किल है। जिधर देखो लोग अपने वाहन बेतरतीब खड़ा किए है। इसके अलावा इस सड़क पर पीने के पानी का भी इंतजाम होना चाहिए।
: राम केवल मौर्य, मरीज