हर दिन 20 से 25 बच्चे बीआरडी में हो रहे भर्ती, उल्टी, दस्त और बुखार से पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ी
डॉक्टर दे रहे सलाह, बच्चों को धूप से बचाएं
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। उमस भरी गर्मी का असर बच्चों पर सबसे ज्यादा हो रहा है। उल्टी, दस्त के साथ बच्चों को हो रहा बुखार उन्हें जल्दी छोड़ नहीं रहा है। बुखार की दवा देने के बाद भी एक सप्ताह से अधिक का समय उन्हें ठीक होने में लग जा रहा है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग के इमरजेंसी में हर दिन 20 से 25 बच्चे बुखार, उल्टी और दस्त के भर्ती हो रहे हैं। इन मरीजों को एक सप्ताह तक भर्ती करना पड़ रहा है। जबकि, सामान्य दिनों में होने वाला यह बुखार पहले दो से तीन दिनों में ठीक हो जाता था।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. भूपेंद्र शर्मा ने बताया कि गर्मी की वजह से शरीर का तापमान बढ़ जा रहा है। इसकी वजह से बच्चों को डिहाइड्रेशन हो रहा है। इसकी वजह से बच्चों को उल्टी, दस्त और बुखार की समस्या हो रहा है। नई बात यह देखने को मिली है कि आमतौर पर बच्चों को होने वाला बुखार तीन से चार दिनों में ठीक हो जाता था। लेकिन, अब यही एक सप्ताह तक रह रहा है।
दूसरी ओर बुखार की पैरासिटामॉल दवा भी उतनी असर नहीं कर रही है। यही कारण है कि बच्चों को बाल रोग के इमरजेंसी में भर्ती करना पड़ रहा है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के 458 बेड वाले बाल रोग विभाग में 450 मरीज भर्ती हैं। इनमें 100 मरीज नवजात हैं, जो नियोनेटल इंटेसिव केयर यूनिट में भर्ती हैं। हाई डिफेंसिव यूनिट के 72 बेड पर पर भी मरीजों की संख्या फुल हो चुकी है। 100 बेड के इंसेफेलाटिस वार्ड में सामान्य बुखार वाले मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। बच्चों के परिजनों को सलाह दी जा रही है कि उन्हें धूप से बचाएं।
बीआरडी में बुखार के मरीजों की लंबी कतार
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बुखार से पीड़ित मरीजों की लंबी कतार है। मेडिकल कॉलेज के बालरोग विभाग और मेडिसिन विभाग की ओपीडी मे 200 से ज्यादा बुखार के मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं। मेडिसिन विभाग का वार्ड नंबर 14, वार्ड नंबर 9, वार्ड 12 फुल हो गया है। इसमें खांसी, बुखार, दस्त के मरीज शामिल हैं। इन मरीजों को तेज बुखार, बदन दर्द और उल्टी, दस्त के मरीज आ रहे हैं।
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जिला अस्पताल के ओपीडी में भी बुखार के मरीजों आ रहे ज्यादा
जिला अस्पताल में मेडिसिन की ओपीडी में पांच डॉक्टर इलाज कर रहे हैं। सभी 150 से 180 मरीजों को देख रहे हैं। इनमें आधे से अधिक मरीज बुखार से पीड़ित हैं। बाल रोग विभाग की ओपीडी में दो डॉक्टर डॉक्टर मौजूद हैं। यहां पर रोजाना करीब 250 बच्चे पहुंच रहे हैं। बालरोग विशेषज्ञ डॉ.गणेश गौरव ने बताया कि बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है।