डॉ कुणाल सिंह ने बताया कि हृदय मरीजों का बेहद कम खर्च में इलाज किया जाएगा। दिल के छेद की लागत एक लाख 10 हजार से एक लाख 30 हजार के आसपास होगी। जबकि, वाल्व की कीमत कंपनी के हिसाब से अलग-अलग होगी। इसके लिए मरीजों को कम से कम 50 हजार और अधिकतम एक लाख तक खर्च करने होंगे। जबकि, निजी अस्पतालों में दिल के छेद के ऑपरेशन की कीमत दो से ढाई लाख रुपये है। इसके अलावा वाल्व लगाने की कीमत दो से ढाई लाख रुपये हैं।
सुपर स्पेशियलिटी में चलती है पांच विभागों की ओपीडी
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ गणेश कुमार ने बताया कि सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक पूरी तरह से वित्त पोषित है। यहां इलाज पूरी तरह से निशुल्क नहीं है। इस ब्लॉक में कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी और कैंसर सर्जन की ओपीडी चलती है। इसमें मरीजों को स्टेंट, डायलिसिस, पेसमेकर, ब्लूनिंग, रीनल सर्जरी और न्यूरो सर्जरी के ऑपरेशन शुरू हो गए हैं।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ गणेश कुमार ने कहा कि बीआरडी में सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में एंजियोग्रॉफी से लेकर पेस मेकर लगाने का काम शुरू हो चुका है। नए साल से दिल के छेद और हृदय के वाल्व भी लगाए जाएंगे। इसकी तैयारी भी शुरू हो गई है। इसके अलावा यूरोलॉजी और न्यूरो सर्जरी भी शुरू कर दी गई है। इससे मरीजों को भटकने की जरूरत नहीं होगी।