- अधिवक्ताओं ने तहसील सदर के दोनों महिला नायब तहसीलदारों का किया है विरोध
- रोजाना 50 से 60 बैनामा, वसीयत, वरासत एवं दान के मामले में नहीं हो रही सुनवाई, मायूस हो रहे फरियादी
गोरखपुर। सदर तहसील के दो राजस्व न्यायालयों में बीते 50 दिनों से मुकदमों की सुनवाई बंद है। अधिवक्ताओं ने बहिष्कार किया है, इसके चलते बैनामा, वसीयत, दान सहित अन्य मामलों की सुनवाई में बस तारीख पर तारीख पड़ रही है। कार्य दिवस में रोजाना 50 से 60 मामलों की सुनवाई होती है जो लंबित है। फरियादी हर बार आते हैं और मायूस होकर लौट जा रहे हैं।
दरअसल, जिला अधिवक्ता बार एसोसिएशन ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर 20 फरवरी से सदर तहसील में पिपराइच और सदर के नायब तहसीलदार न्यायालय का बहिष्कार किया है। दोनों नायब तहसीलदार महिला हैं। इस मामले में तहसील बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बैठक की। बार के अध्यक्ष प्रमोद कुमार पांडेय ने बताया कि जनरल बॉडी की बैठक में दोनों नायब तहसीलदारों के स्थानांतरण तक कार्य बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया है।
उधर, अधिवक्ता अपने मुकदमे की पैरवी में आए लोगों को तसल्ली दे रहे हैं कि न्यायालय में सुनवाई शुरू होगी तो वे बहस करेंगे। कार्य बहिष्कार समाप्त करने में बार बेंच के बीच सहमति नहीं बन पा रही है।
दो राजस्व न्यायालयों के बहिष्कार के मामले में जिला अधिवक्ता बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं मंत्री के साथ बैठक की गई है। दोनों न्यायालयों का बहिष्कार खत्म होने पर जल्द सहमति बन जाएगी।
- ज्ञान प्रताप सिंह, तहसीलदार सदर