स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का खामियाजा केवल उस निगेटिव व्यक्ति को ही नहीं, परिवार और गांव को भी झेलना पड़ा। पूरे गांव को सील कर दिया गया। परिवार के सदस्यों को बृहस्पतिवार की रात डेंटल कॉलेज गीडा में क्वारंटीन करा दिया गया है। पूरे गांव को सैनिटाइज भी कराया गया है।
कोरोना रिपोर्ट निगेटिव होने के बाद भी वार्ड में शिफ्ट किए गए बेलघाट शाहपुर के युवक ने नाराजगी जताई। साफ कहा कि जब स्वास्थ्य विभाग की टीम आई थी तो अपना नाम बताया था। कहा था कि इस सूची में नाम नहीं है। इसके बावजूद टीम के सदस्य नहीं माने और एंबुलेंस में बैठाकर मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। कुछ देर में सूचना आई कि गांव सील कर दिया गया। मां, बाप, पत्नी, चार साल, सात साल और नौ साल के बच्चे, फूफा व दोस्त सहित 16 लोगों को बिना किसी कारण के क्वारंटीन सेंटर भेज दिया गया। बच्चे डर गए हैं। जब से क्वारंटीन सेंटर आए हैं, तब से रो रहे हैं। एक ही जगह कैद होकर रह गए हैं। सुबह से उनकी आदत है खाने की। सब कुछ मिल रहा है, लेकिन जब वे रोते हैं तो कलेजा फट जाता है। मजबूर हूं, क्या करूं और क्या कहूं, कुछ समझ में नहीं आ रहा है।
मामला संज्ञान में आया है। मेडिकल कॉलेज में नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद तैयार एंट्री कॉलम में चूक की वजह से ऐसी गड़बड़ी हुई। यह चूक निश्चय ही गंभीर है। पूरे मामले में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य से जानकारी मांगी है । साथ ही हिदायत भी दी है कि कोरोना से जुड़ा हर मामला बहुत संवेदनशील है, इसमें हड़बड़ी या फिर किसी भी वजह से कोई चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी। -जयंत नार्लिकर, कमिश्नर
एक जैसे नाम को लेकर कन्फ्यूजन हुआ। आखिर गलती कहां और कैसे हुई है, इसे दिखवाया जा रहा है। -डॉ श्रीकांत तिवारी, सीएमओ
भारत सरकार से तय होता है रेड जोन: कमिश्नर
गोरखपुर। कमिश्नर जयंत नार्लिकर के मुताबिक रेड जोन भारत सरकार से तय किया जाता है। संक्रमित की संख्या दोगुनी होने पर किसी जिले को रेड जोन घोषित किया जाता है। 21 दिन तक अगर कहीं कोई केस न आए तो वह ग्रीन जोन होता है
जबकि जिन जिलों में यह दोनों ही कंडीशन न हो वह ओरेंज जोन माना जाता है। अभी तक गोरखपुर ऑरेंज जोन में है। कमिश्नर ने कहा कि रिपोर्ट शासन को जाती है जिसके बाद जोन का निर्धारण होता है। पूरा फोकस संक्रमण केे रोकने और संक्रमितों के बेहतर इलाज पर है। गुरुवार को मंडल के छह लोग सही होकर मेडिकल कॉलेज से डिस्चार्ज किए गए हैं। उम्मीद है जल्द ही और भी लोग सही होकर अपने घर जा सकेंगे।