- 13 मार्च को यूपी मेडिकल काउंसिल के समक्ष बयान दर्ज कराने के लिए किया गया था तलब
- डॉक्टर ने निजी स्वास्थ्य कारणों का दिया हवाला,संचालक ने पत्र भेजकर अगली तिथि पर पक्ष रखने की बात कही
गोरखपुर। सिकरीगंज स्थित न्यू राजेश हाईटेक अस्पताल में मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद फैले संक्रमण प्रकरण में 13 मार्च को उत्तर प्रदेश मेडिकल काउंसिल के समक्ष अस्पताल संचालक और ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर बयान दर्ज कराने नहीं पहुंचे। काउंसिल ने दोनों पक्षों को उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के लिए तलब किया था।
मामले में ऑपरेशन करने वाले नेत्र रोग विशेषज्ञ ने जवाब भेजकर निजी स्वास्थ्य कारणों से उपस्थित न हो पाने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य ठीक होने पर अगली निर्धारित तिथि में काउंसिल के सामने उपस्थित होकर अपना पक्ष रखेंगे। अस्पताल संचालक राजेश राय ने भी पत्र के माध्यम से जवाब भेजा और काउंसिल के निर्देशों का पालन करने की बात कही।
एक फरवरी को न्यू राजेश हाईटेक अस्पताल में मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद 30 मरीज संक्रमण की चपेट में आ गए थे। इनमें नौ मरीजों की आंखें निकालनी पड़ीं, जबकि 10 मरीजों की रोशनी प्रभावित हुई। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने जांच शुरू की थी। जांच में संक्रमण की पुष्टि हुई थी। रिपोर्ट आने के बाद अस्पताल का पंजीयन रद्द कर दिया गया था। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश झा ने बताया कि मेडिकल काउंसिल के जो भी निर्देश होंगे, उनका पालन किया जाएगा। इलाज, ऑपरेशन और अस्पताल प्रबंधन से जुड़े दस्तावेज पहले ही मांगे जा चुके हैं। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।