एम्स प्रशासन की इस कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को तीन छात्रों ने हाईकोर्ट की प्रयागराज बेंच में अपील की थी। छात्रों ने न्यायालय को बताया कि एम्स प्रशासन की इस कार्रवाई से उनका कॅरियर बर्बाद हो जाएगा। आगामी 19 अप्रैल से परीक्षाएं संभावित हैं। उनका भविष्य खराब हो सकता है। इस पर हाईकोर्ट के न्यायाधीश अजय भनोट ने मंगलवार को ही सुनवाई की।
उन्होंने छात्रों के भविष्य को देखते हुए एम्स प्रशासन के आदेश पर रोक लगा दी। साथ ही छात्रों को कैंपस के हॉस्टल में रहने और कक्षा में पढ़ने की अनुमति भी दी है। मामले की अगली सुनवाई 24 अप्रैल तय हुई है।
हाईकोर्ट ने साफ किया है कि इस दौरान छात्रों को किसी भी प्रकार परेशान न किया जाए। मंगलवार को ही इस सुनवाई की कॉपी तत्काल एम्स प्रशासन को उपलब्ध कराई जाए। इसके लिए उन्होंने रजिस्ट्रार जनरल और शासन के अधिवक्ता मनोज कुमार सिंह को भी आदेश दिया है।