- 50 लाख रुपये हवाला में भी सफेदपोश के जुड़े हाेने का मिल रहा संकेत
- गोला और गीडा क्षेत्र में भी हवाला के मामले में आ चुका है सफेदपोशों का नाम
- हवाला के मामले में शुरू में पुलिस दिखाती है सक्रियता बाद में हो जाती है सुस्त
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। गोरखपुर समेत पड़ोस के जिलों में हवाला का धंधा जोरों पर है। यह धंधा सफेदपोशों के संरक्षण में फल फूल रहा है। जब-जब हवाला का मामला प्रकाश में आता है, शुरुआत में पुलिस सक्रियता तो दिखाती है, लेकिन जैसे ही उसका कनेक्शन किसी सफेदपोश से जुड़ता है मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है। व्यापारी के 50 लाख रुपये का कनेक्शन भी हवाला से जुड़ रहा है। उससे जुड़े लोगों का संबद्ध पूर्वांचल के एक रसूखदार सफेदपोश से जुड़ रहा है।
गोला क्षेत्र में दो साल पहले आठ लाख रुपये लूट का मामला प्रकाश में आया था। पुलिस ने सक्रियता दिखाई तो मामला खुल गया। रकम अधिक होने के साथ ही पता चला कि रुपये हवाला के थे। उस मामले में भी एक सफेदपोश का नाम आने के बाद में जांच को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। इसी प्रकार गीडा क्षेत्र में भी कुछ दिन पहले हवाला की रकम पकड़ में आई थी। उसमें भी पुलिस ने उसकी जांच शुरू की तो हवाला धंधेबाजों का संरक्षक एक सफेदपोश निकला। हर बार हवाला कारोबार के नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ, लेकिन मुख्य आरोपी कभी पड़े नहीं गए।
कोतवाली के बेनीगंज चौकी के पास से तीन अप्रैल को व्यापारी नवीन से बेनीगंज चौकी इंचार्ज आलोक सिंह व उसके साथियों ने 50 लाख रुपये छीन लिए। दरोगा और उसके साथी रुपये को हड़पने के फिराक में थे। रकम हवाला से जुड़ा होने के चलते उच्चाधिकारियों तक मामला पहुंच गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो हवाला से जुड़े लोगों का कनेक्शन एक सफेदपोश से जुड़ने लगा। हालांकि इस मामले में पुलिस की अभी सक्रियता बनी हुई है।
टैक्स बचाने के लिए हवाला के जरिए भेजते हैं रकम
वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने के बाद से हवाला के धंधे में तेजी आई है। टैक्स से बचने के लिए धंधेबाज हवाला के जरिए रकम भेजते हैं। इसके एवज में एजेंट पांच से 10 प्रतिशत तक कमीशन लेते हैं।