बेटे हरिमोहन का तिलक लगाकर स्वागत किया।
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यूक्रेन में फंसे शहर के दो छात्र हरिमोहन गुप्ता और मनुशरण श्रीवास्तव विशेष विमान से बुधवार की देर रात दिल्ली पहुंच गए। दोनों छात्रों के घरों पर जश्न का माहौल है।
साकेत नगर, मुहईसुघरपुर के हरिमोहन गुप्ता, यूक्रेन के ओडिशा में फंसे हुए थे। वह बुधवार को हंगरी से दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे। जहां से उन्हें उत्तर प्रदेश भवन ले जाया गया। केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से उपलब्ध कराई गई गाड़ी से गुरुवार की दोपहर गोरखपुर अपने आवास पहुंचे। उनके पिता सज्जन लाल और मां निर्मला देवी ने घर को सजा रखा था।
जैसे ही हरिमोहन घर पहुंचे, बहन ज्योति और पूजा ने चंदन-टीका लगाकर भव्य स्वागत किया। फिर फूल-माला पहनाकर स्वागत किया गया। पिता सज्जन लाल ने कहा कि बेटे के आने के बाद अब चिंता खत्म हुई है।
वहीं, हरिमोहन ने यूक्रेन में मौत के साए में गुजारे पांच दिनों के हालात को बयां किया। कहा, आग के गोले बरस रहे थे। डर लग रहा था कि कहीं बम उनके रूम पर न गिर जाए। गनीमत रही कि जब हमले तेज होने लगे, तब तक हम बॉर्डर पर पहुंच गए थे।
गुरुग्राम में बहन के पास रुक गए मनुशरण
शहर की बिछिया कॉलोनी निवासी अतुल श्रीवास्तव के बेटे मनुशरण श्रीवास्तव दिल्ली एयरपोर्ट से अपनी बहन के साथ गुरुग्राम चले गए। मनुशरण अब एक से दो दिन में गोरखपुर आएंगे। पिता अतुल ने कहा कि अब दिन-रात की चिंता दूर हो गई। जब बेटा यूक्रेन की भयावहता की बातें साझा करता था तो हम लोग कांप जाते थे। केंद्र और प्रदेश सरकार की बदौलत ही बेटा सकुशल आ सका है।