गोरखपुर। सूर्यकुंड धाम में चल रहे सावन महोत्सव के 25वें दिन रविवार को भगवान शिव का जलाभिषेक और सामूहिक रुद्राभिषेक जारी रहा। इस दौरान हर-हर महादेव की गूंज रही। 94 श्रद्धालुओं ने किया सामूहिक रुद्राभिषेक किया।
कथाव्यास पंडित अवनीश शुक्ला ने शिव महापुराण कथा में कहा कि भगवान शिव प्रलय और सृजन दोनों के देवता हैं। वह देवों के महादेव और सृष्टि के आदि-अंत के सर्वशक्तिमान देव हैं। उनकी महिमा को शब्दों में व्यक्त करना संभव नहीं है। भगवान शिव संहार के देवता होने के साथ ही मनुष्य के लिए परम कल्याणकारी और शीघ्र प्रसन्न होने वाले देव हैं। उन्होंने कहा कि भगवान शिव का तीसरा नेत्र ज्ञान की अग्नि और अहंकार के नाश का प्रतीक है।
इस अवसर पर कनक लता मिश्रा, सच्चिदानंद द्विवेदी, चांदनी त्रिपाठी, अनुप्रिया आनंद, पूनम त्रिपाठी आदि मौजूद रहीं।