गोरखपुर विश्वविद्यालय में प्रस्तावित नए पाठ्यक्रमों तथा महायोगी गुरु श्रीगोरक्षनाथ शोधपीठ के कार्यों की प्रगति के लिए समीक्षा बैठक प्रशासनिक भवन में बुधवार को हुई। कुलपति प्रोफेसर राजेश सिंह ने कहा कि शोधपीठ को एक अंतरराष्ट्रीय संस्थान के रूप में विकसित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री के आर्थिक सलाहकार डॉ. केवी राजू एवं कुलपति प्रो. राजेश सिंह के सामने प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय सेमिनार, ‘नाथ पंथ और योग’ और ‘नाथ पंथ पर विश्वकोष’ की तैयारियों पर प्रो. मानवेंद्र प्रताप सिंह तथा डॉ. अंकित सिंह ने अपनी कार्ययोजना प्रस्तुत की। डॉ. राजू ने इसमें कुछ सुधार करने का सुझाव दिया। 31 अक्तूबर को होने वाली बैठक में इसे अंतिम रूप देने का निर्णय लिया गया।
कुलपति ने नई शिक्षा नीति के अनुरूप विश्वविद्यालय में प्रस्तावित नए पाठ्यक्रमों को शुरू करने तथा महायोगी गोरक्षनाथ शोधपीठ की गतिविधियों की गति देने के संबंध में अपने विचार रखे। डॉ. राजू ने प्राथमिकता के आधार पर नाथपंथ पर विश्वकोश विकसित करने के संबंध में सुझाव प्रस्तुत किए। सेमिनार के संबंध में प्रो. हर्ष सिन्हा, प्रो. रविशंकर सिंह, प्रो. संजीत गुप्ता, डॉ. प्रदीप राव और महेंद्र कुमार सिंह ने भी विचार रखे। इस दौरान प्रो. अजेय गुप्ता व अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. अजय सिंह भी मौजूद रहे।
समयरेखा चार्ट बनाने का दिया था निर्देश
डॉ. राजू के मार्गदर्शन और कुलपति प्रो. सिंह की अध्यक्षता में बैठक 10 सितंबर को हुई थी। इसमें नाथ पंथ व योग पर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित करने और प्राथमिकता के आधार पर नाथ पंथ पर विश्वकोष विकसित करने पर गतिविधि समयरेखा चार्ट तैयार करने के लिए कहा गया था।