- अमरेली की साइबर सेल ने रक्षाबंधन के दिन बसंतपुर पहुंचकर किया गिरफ्तार
- व्यक्तिगत खाते में आए थे करीब पांच लाख रुपये, दूसरे व्यक्ति को रकम सौंपने का आरोप
गोला। साइबर फ्रॉड के मामले में गुजरात के अमरेली जिले की साइबर सेल ने गोला थाना क्षेत्र के बसंतपुर निवासी संतोष को रक्षाबंधन के दिन गिरफ्तार कर लिया। संतोष के पिता का पहले ही निधन हो चुका है। घर में वृद्ध मां परमा देवी और एक बेटी है। संतोष आठवीं तक पढ़ा है और करीब पांच साल से जनसेवा केंद्र का संचालन कर रहा था।
ग्रामीणों के अनुसार संतोष रघुनाथपुर चौराहे पर पंजाब नेशनल बैंक की शाखा से जुड़े कामकाज के साथ जनसेवा केंद्र चलाता था। स्थानीय स्तर पर वह लोगों के बैंकिंग और ऑनलाइन सेवाओं से जुड़े काम करता था। इसी दौरान उसके व्यक्तिगत बैंक खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम के लेनदेन में होने का आरोप लगा है।
चीनी मिल चौकी प्रभारी आशुतोष वर्मा के अनुसार संतोष के खिलाफ ऑनलाइन फ्रॉड से संबंधित मामला दर्ज है। जांच में सामने आया कि उसके व्यक्तिगत बैंक खाते में करीब पांच लाख रुपये आए थे। आरोप है कि खाते में रकम आने के बाद उसने उसे निकालकर किसी अन्य व्यक्ति को सौंप दिया था। साइबर पुलिस ने मामले की जांच के दौरान संतोष के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य जुटाए जिसके बाद टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार पूछताछ में संतोष ने रकम किसी दूसरे व्यक्ति को सौंपने की बात बताई है। हालांकि जिस व्यक्ति को उसने रुपये देने की बात कही है, वह फिलहाल फरार है। साइबर सेल उसकी तलाश में जुटी है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि खाते में रकम कहां से आई थी और साइबर ठगी के नेटवर्क में संतोष की वास्तविक भूमिका क्या थी। इधर, गुजरात की साइबर सेल मामले में जुड़े अन्य आरोपियों और रकम के पूरे लेनदेन की कड़ियां खंगाल रही है।