बीआरडी मेडिकल कॉलेज में मरीज को निजी अस्पताल भेजने को लेकर मंगलवार को हड़कंप मच गया। मेन गेट के पास स्थित सार्वजनिक शौचालय के रास्ते एंबुलेंस से नवजात को बाहर ले जाते समय गार्डों ने पकड़ लिया। हालांकि मरीज माफिया नवजात व उनके परिजन को ऑटो से लेकर चले गए।
गार्डों ने एंबुलेंस चालक को पकड़कर मेडिकल चौकी पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने एंबुलेंस को सीज करते हुए चालक समेत तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम एक नवजात शिशु को भर्ती कराने के लिए परिजन 108 एंबुलेंस से बीआरडी मेडिकल कॉलेज पहुंचे थे। आरोप है कि संबंधित वार्ड में तैनात कर्मचारी ने वेंटिलेटर खाली न होने की बात कह दी।
इसके बाद सरकारी एंबुलेंस चालक ने तारामंडल स्थित एक निजी अस्पताल के मैनेजर को सूचना दे दी। वहीं से दूसरे निजी अस्पताल के मैनेजर को भी जानकारी पहुंचाई गई। आरोप है कि साजिश के तहत निजी अस्पताल की एंबुलेंस को मेडिकल कॉलेज के मेन गेट के दक्षिण स्थित सार्वजनिक शौचालय के पास खड़ा कराया गया।
जैसे ही मरीज को शौचालय के रास्ते एंबुलेंस में बैठाया गया, बीआरडी के गार्ड मौके पर पहुंच गए और उन्होंने वाहन को रोक लिया। इस दौरान चालक ने गार्डों से बहस कर उन्हें उलझा दिया। इसी बीच मरीज और उसके तीमारदार को ऑटो में बैठाकर वहां से कहीं और भेज दिया गया।
बाद में गार्डों ने एंबुलेंस चालक को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एंबुलेंस को सीज कर दिया और मामले में शामिल दो और संदिग्धों को हिरासत में ले लिया। थानाध्यक्ष इत्यानंद पांडेय ने बताया कि हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ की जा रही है और पूरे प्रकरण की गहन जांच की जा रही है।