कोरोना महामारी के बीच संक्रमण के जंग से जूझ रहे लोगों के लिए राहत की खबर है। केंद्र सरकार ने ब्लैक फंगस की दवा को जीएसटी से मुक्त रखने के अलावा कोरोना संक्रमण के इलाज से जुड़े जरूरी दवाओं और उपकरणों पर जीएसटी दरें घटा दिए हैं। इसकी वजह से इनके रेट अब कम हो जाएंगे। सरकार के इस फैसले से गोरखपुर के दवा व्यापारी बेहद खुश हैं। उनका कहना है कि इससे मरीजों और तीमारदारों पर महंगे इलाज का बोझ कम होगा। कोरोना महामारी में इस तरह की राहत जरूरी थी।
दवा विक्रेता समिति के अध्यक्ष योगेंद्र नाथ दुबे ने बताया कि ब्लैक फंगस की दवा पर अब कोई टैक्स नहीं लगेगा। इस बीमारी के इलाज में एम्फोटेरिसिन-बी इंजेक्शन का प्रयोग होता है। इस इंजेक्शन पर पांच फीसदी जीएसटी लगता था।
इसके अलावा कोरोना संक्रमण से गंभीर मरीजों के इलाज में प्रयोग किए जाने वाले टोसिलिजुमैब इंजेक्शन पर भी सरकार ने जीएसटी हटा दिया है। इस इंजेक्शन का खुदरा रेट 46 हजार रुपये है। इस पर भी पांच फीसदी जीएसटी लगती थी।
इसके अलावा रेमडेसीविर इंजेक्शन, ऑक्सीजन, पल्स-ऑक्सीमीटर, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, वेंटिलेटर, बायपैप, हाई फ्लो नेजुल कैनुला जैसी मशीनों पर जीएसटी की दर को 12 फीसदी से घटाकर पांच फीसदी कर दिया गया है।
इतना ही नहीं सामान्य कोरोना संक्रमितों के इलाज में प्रयोग किए जाने वाले तापमान के यंत्र जैसे सामान्य थर्मामीटर, डिजिटल थर्मामीटर, हेपरिन इंजेक्शन, कोविड टेस्ट किट पर जीएसटी रेट को 12 फीसदी से घटाकर पांच फीसदी कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि मरीजों के हित में सरकार ने यह बड़ा फैसला किया है।