दहेज हत्या के जुर्म में ससुरालियों को मिली 10 साल की सजा
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। सिकरीगंज के टाड़ी गांव में 17 मई 2015 को दहेज के लिए अनुराधा को मार पीटकर केरोसिन तेल डालकर जला दिया गया था। पुलिस ने इस मामले में दहेज हत्या का केस दर्ज किया था। बाबा मारकंडेय यादव नौ साल तक लगातार केस की पैरवी करते रहे। सोमवार को आखिर वह दिन आ ही गया, जिसके लिए वह दौड़भाग कर रहे थे। सोमवार को दहेज हत्या के जुर्म में ससुरालियों को 10 साल की सजा सुनाई गई।
दहेज हत्या का जुर्म सिद्ध पाए जाने पर अपर सत्र न्यायाधीश पंकज श्रीवास्तव ने टाड़ी निवासी अभियुक्त गोरखनाथ यादव, रामनयन यादव व उर्मिला देवी को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अभियुक्त गोरखनाथ व रामनयन को पांच हजार रुपये व उर्मिला देवी को दो हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। इंसाफ मिलने पर नौ वर्ष से पथराई बाबा की आंखों से खुलकर आंसू निकले।
मारकंडेय यादव ने पौत्री की शादी वर्ष 2013 में गोरखनाथ यादव से की थी और गवना तीन मार्च 2015 को किया था।विदाई के बाद से ही अभियुक्तगण वादी की पौत्री को अतिरिक्त दहेज में मोटरसाइकिल व नकद की मांग को लेकर प्रताड़ित करने लगे। आरोप था कि अतिरिक्त दहेज की मांग पूरी न होने से अभियुक्तगण नाराज हो गए और 17 मई 2015 की सुबह करीब 7:30 बजे अनुराधा को मार पीटकर केरोसिन तेल डालकर जला दिए थे, जिससे उसकी मौत हो गई।