एसपी ने सीओ चौरीचौरा को सौंपी पूरे प्रकरण की जांच
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। नर्सिंग में दाखिला दिलाने के नाम पर छह लड़कियों के साथ ठगी हुई है। सोमवार को इन लड़कियों ने एसपी नार्थ से मिलकर कहानी बताई तो पता लगा कि मार्च में ही यह प्रकरण पुलिस के संज्ञान में आया था, लेकिन कार्रवाई के बजाय छात्राओं को रुपये वापस दिलाने का भरोसा दिलाकर शांत करा दिया। लेकिन, जब तीन महीने बाद भी रुपये नहीं मिले, तब इन लड़कियों ने दुबारा शिकायत की।
जानकारी के मुताबिक, बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के लौरिया थाना क्षेत्र के परसा मठिया गांव की रहने वाली मनीषा कुमारी, सुमन, बबली, नेहा, स्नेहा, उर्मिला ने संयुक्त रूप से प्रार्थना पत्र दिया है। उन्होंने बताया कि गांव के पास के ही रहने वाले एक ठग ने गोरखपुर मेडिकल कॉलेज के पीछे एक नर्सिंग की संस्था में दाखिला दिलाने का झांसा दिया। दाखिला के लिए किसी ने 80 हजार तो किसी ने 50 हजार रुपये दे दिया। आरोपी ने सभी से मार्कशीट ले लिया और मेडिकल कॉलेज के पास किराये के मकान में बुलवा लिया। सभी मकान में रहने लगीं। उसने सभी को अलग-अलग प्राइवेट अस्पताल में काम करने के लिए भेज दिया। बताया कि यह भी पढ़ाई का ही एक हिस्सा है। कुछ बितने के बाद छात्राओं का ठगी का एहसास हुआ तो उन्होंने अपने परिजनों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद 23 मार्च को पिपराइच थाने पर पंचायत हुई। आरोपी ने पुलिस के सामने रुपये वापसी का वादा किया और फिर लापता हो गया।
मामला गंभीर है। पूरे प्रकरण की जांच सीओ चौरीचौरा को सौंपी गई है।जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव, एसपी नार्थ