-करीब डेढ़ घंटे तक विधि संकाय के एक-एक कमरे को खंगालता रहा चोर
-सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई चोर की करतूत, दो बोरे में ले जाता दिखा सामान
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में चोरों का आतंक जारी है। शुक्रवार की रात में चोर विधि संकाय के मुख्य गेट समेत 13 ताला तोड़कर एक-एक कमरे को करीब डेढ़ घंटे खंगाल कर कीमती सामान उठा ले गया। चोर की करतूत विभाग में लगेे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। सुबह करीब 9.30 बजे कर्मचारी विभाग पहुंचे तो ताला टूटा देख चोरी की जानकारी हुई। विधि संकाय के डीन प्रो. नसीम अहमद के अवकाश पर रहने के चलते प्रभारी प्रो. जितेंद्र मिश्रा ने घटना की जानकारी कुलपति और कुलसचिव को लिखित रूप में दी है।
जानकारी के मुताबिक, शनिवार की सुबह करीब 9.30 बजे एक कर्मचारी विधि विभाग पहुंचा, तो विभाग के मुख्य गेट पर लगे चैनल का ताला टूटा मिला। वह अंदर पहुंचा तो लाइब्रेरी, विधि संकाय के डीन के चैंबर समेत कई कमरों के तालें टूटे मिले। उसने चोरी की जानकारी विभाग के संबंधित अधिकारी एवं नियंता प्रो. सतीश पांडेय को दिया। चोरी की जानकारी होने पर विभाग के शिक्षक एवं नियंता मौके पर पहुंच गए। कई कमरों में रखे दस्तावेज भी इधर-उधर पड़े थे।
प्रथम दृष्टया देख कर आशंका हुई की विभाग में चल रहे मूल्यांकन कार्य को लेकर वारदात को अंजाम दिया गया है। लेकिन सीसीटीवी कैमरे को खंगालने पर मामला साफ हो गया। सीसीटीवी फुटेज में शुक्रवार की रात तकरीबन 2:45 बजे एक नकाबपोश शख्स मुख्य गेट का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश करत नजर आ रहा है। अंदर प्रवेश करने पर सीसीटीवी कैमरा लगा देख वह गैलरी में लगा लाइट बंद कर देता है। इसके बाद विभाग के पहले एवं द्वितीय तल पर एक-एक कर 13 तालों को तोड़कर उसमें रखा कीमती सामान बाहर निकालता है। बाहर निकलने के बाद वह कई बार आकर सामान ले जाता दिख रहा है। विभाग से जुड़े लोगों की माने तो चोर एसी के 4-5 स्टेपलाइजर, विभाग में लगा अग्निशमन यंत्र समेत कई कीमती सामान उठा ले गया है।
पहचान छिपाने के लिए बदलता रहा कपड़ा
सीसीटीवी कैमरे में पहले वह फुल पैंट में चोरी की वारदात को अंजाम देता दिख रहा है। एक राउंड चोरी का सामान पहुंचाने के बाद दूसरी बार पर हॉफ पैंट पहन कर पहुंचता है। वह दो बोरे में सामान ले जाता दिख रहा है।
पहले भी हो चुकी है चोरी
गोविवि के मुख्य परिसर में चोरी की घटना पहले भी हो चुकी है। कुछ माह पहले चोर वनस्पति विज्ञान, प्राणि विज्ञान और रसायन शास्त्र विभाग में भी चोरी की घटना को अंजाम दे चुके हैं।