- 21 नवंबर से 14 दिसंबर के बीच प्रायोगिक परीक्षाएं कराने का निर्देश
- लिखित परीक्षा से पहले ही अपलोड कर दिए जाएंगे प्रायोगिक के नंबर
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में अब परीक्षा के बाद एक महीने के अंदर ही परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। इसके लिए 21 नवंबर से 14 दिसंबर के बीच प्रायोगिक परीक्षाएं करा लेने का आदेश जारी कर दिया गया है। इन परीक्षाओं के अंक लिखित परीक्षा से पहले ही अपलोड भी कर जाने हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन का प्रयास है कि समय से परिणाम आए और उसमें त्रुटियां भी न होने पाएं।
विश्वविद्यालय और संबद्ध कॉलेजों के परीक्षा परिणाम घोषित होने में देरी के कारण छात्रों को काफी परेशानी होती है। यूनिवर्सिटी प्रशासन पर भी देरी को लेकर सवाल उठते हैं। परिणामों में देरी की बड़ी वजह प्रायोगिक और आंतरिक परीक्षा का अंक समय से नहीं मिल पाना होती है। इसीलिए प्रायोगिक परीक्षा के अंक पहले ही अपलोड करने का निर्देश दिया गया है। सभी कॉलेजों को निर्देश दे दिए गए हैं कि 15 दिसंबर से पहले छात्रों के आंतरिक मूल्यांकन के साथ मौखिक व प्रायोगिक परीक्षाएं संपन्न करा लें। अब इस संबंध में नया दिशा-निर्देश जारी हुआ है। विषम सेमेस्टर की परीक्षाओं की प्रयोगात्मक और आंतरिक के अंकों को अपलोड करने के लिए 21 नवंबर से 14 दिसंबर तक पोर्टल खोल दिया गया है। कॉलेजों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि प्रायोगिक व आंतरिक परीक्षाओं के अंक पूरित कराकर पोर्टल पर अपलोड कर दें।
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प्रथम सेमेस्टर के छात्रों पर संकट
परीक्षा से पहले ही छात्रों को रोल नंबर जारी किया जाता है। स्नातक और परास्नातक के तृतीय और पांचवें सेमेस्टर के विद्यार्थियों के रोल नंबर पहले से मौजूद हैं। लेकिन प्रथम सेमेस्टर के विद्यार्थियों के रोल नंबर जारी नहीं हुए हैं। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि बिना रोल नंबर जारी हुए उनके अंक कैसे अपलोड होंगे?
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कोट
परीक्षाफल जारी करने में देरी न हो इसके लिए तैयारी की गई है। प्रथम सेमेस्टर को छोड़ शेष छात्रों का रोल नंबर पहले से उपलब्ध है। प्रथम सेमेस्टर के छात्रों का रोल नंबर भी जल्द जारी होगा। उससे पहले कॉलेज अन्य जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर लें। परीक्षा फार्म में बदलाव किए गए हैं। इससे त्रुटियां कम होंगी।
- डॉ. कुलदीप सिंह, परीक्षा नियंत्रक
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