गोरखपुर। लखनऊ विश्वविद्यालय के अंग्रेजी और विदेशी भाषा के डॉ. मनीष गौरव ने कहा कि शोधार्थियों को शोध पत्र प्रकाशन में 5 ‘पी’ पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। इसमें प्लानिंग, प्रोसेस, पैशन, पेशेंस, एवं पब्लिकेशन शामिल हैं। डॉ. मनीष सोमवार को गोरखपुर विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग में शोधार्थियों के शोध पत्र प्रकाशन के लिए आयोजित व्याख्यान को बतौर मुख्य वक्ता संबोधित कर रहे थे। विभागाध्यक्ष प्रो. अजय शुक्ल ने भी अपने चचार व्यक्त किए। संचालन डॉ. कल्पना दिवाकर तथा डॉ. पंकज सिंह ने किया। इस अवसर पर प्रो. आलोक कुमार, डॉ. आमोद राय, डॉ. बृजेश कुमार आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में विष्णु मिश्र, कीर्ति श्रीवास्तव, विकास गुप्ता, विशाल मिश्र, मालविका तिवारी, आदर्श वर्मा, जाह्नवी सिंह, आनंद सिंह, कुशाग्र मिश्र का विशेष योगदान रहा। संवाद