राज्यपाल ने कहा कि भारत में जनसंख्या का दो तिहाई हिस्सा युवा है। 35 से कम उम्र वाले 65% से ज्यादा लोग हैं। यदि उनको सही ढंग से तैयार किया जाए तो हम विकसित बन सकते हैं।
प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल ने कहा कि पूरे देश को पिछले 80 साल से नोबल पुरस्कार का इंतजार है।
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दीक्षांत समारोह
- फोटो : अमर उजाला
किसी भी भारतीय विश्वविद्यालय को नोबेल पुरस्कार प्राप्त वैज्ञानिक नहीं हुआ। 80 साल पहले 1930 में डॉ. सीवी रमन को मिला था। यदि हमें इस स्थिति को बदलना है तो हमे रिसर्च में बदलाव करना होगा।
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दीक्षांत समारोह
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राज्यपाल शुक्रवार को दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के 43 वें दीक्षांत समारोह में अपना अध्यक्षीय उद्बोधन दे रहीं थीं। उन्होंने कहा कि भारत में जनसंख्या का दो तिहाई हिस्सा युवा है।
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दीक्षांत समारोह
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35 से कम उम्र वाले 65% से ज्यादा लोग हैं। यदि उनको सही ढंग से तैयार किया जाए तो हम विकसित बन सकते हैं। प्रधानमंत्री का विजन है की कोई अनपढ़ न हो, कोई गरीब न हो। सबको शिक्षा प्राप्त हो, किसान अपना काम शांति से करे। सबका साथ सबका विकास का नारा पीएम मोदी ने दिया है।
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अपने मेडल दिखाती दीक्षांत समारोह में 5 मेडल पाने वाली नीतू सिंह
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भविष्य की जरूरतों को देखते हुए 255 करोड़ से एआई केंद्र का प्रावधान है। पीएम उषा से 1814 करोड़ रुपये का प्रावधान है। डिजिटल लाइब्रेरी के लिए 100 करोड़ का प्रावधान है। सही से काम करें तो आप अच्छी ग्रांट प्राप्त कर सकते हैं।
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दीक्षांत समारोह में मेडल पाने वाली अंजलि पिता के नहीं पहुंच पाने पर भावुक हो गई
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इसके लिए यूनिवर्सिटी प्रयास करें। अपनी योजनाओं के बारे में विभाग में जाकर मिलें। नये अध्यापक आ रहे हैं जो टेक्नोलॉजी सीखकर आ रहे हैं। सीनियर जूनियर का फर्क किये बिना साथ मिलकर काम करें।
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मेडल एवं डिग्री मां को पहनाकर फोटो लेती अनुष्का मिश्रा
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कॉलेजों की लापरवाही पर जताई नाराजगी
कुलाधिपति ने कहा की यदि कॉलेज सही समय पर प्रैक्टिकल के अंक अपलोड नहीं करेंगे तो यूनिवर्सिटी 20 दिन में परिणाम कैसे जारी करेगी। मैं हैरान हूं। रैंकिंग में जाना है और 21 दिन में रिजल्ट आयेगा तो क्या ही फायदा। ऐसे कॉलेजों पर 50 हजार का दंड लगाएं। कॉलेज सही समय पर अंक नहीं देते तो हंगामा यूनिवर्सिटी में होता है।
अपने मेडल निहारती अनुष्का मिश्रा
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जो कॉलेज अंक न दे उसका नाम सार्वजनिक करें। समय पर काम नहीं होगा तो रैंकिंग में जगह कैसे बनेगी। इससे विद्यार्थियों को नुकसान होता है। नौकरी पाने के बाद दूसरों की भी चिंता करें। तकनीक है हमारे पास, 20 दिन के अंदर रिजल्ट क्यों नहीं जारी कर सकते? आज पहली बार सामने अभिभावक थे, देखकर बहुत खुशी हुई।